228 फ्लाइट्स कैंसिल,5 का रूट डायवर्ट...दिल्ली में घने कोहरे का कहर, बढ़ते AQI से हाहाकार
दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. गंभीर AQI और घने स्मॉग के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं और एयरपोर्ट पर अव्यवस्था फैल गई. कुल 228 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 131 प्रस्थान और 97 आगमन शामिल थे.

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई है. सोमवार को राजधानी की वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI खतरनाक स्तर तक पहुँच गया. सुबह AQI 498 दर्ज किया गया, जो शाम तक 427 पर आ गया, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली पूरे दिन “गंभीर” श्रेणी में बनी रही. जहरीली धुंध की मोटी परत ने शहर को ढक लिया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ.
हवाई सेवाएं ठप, सैकड़ों उड़ानें रद्द
कई यात्री घंटों तक फंसे रहे
दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. कई यात्री घंटों तक फंसे रहे और सामान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. प्रसिद्ध इतिहासकार विलियम डैलरिम्पल के बेटे सैम डैलरिम्पल ने सोशल मीडिया पर एयर इंडिया की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई. उन्होंने बताया कि हैदराबाद जाने वाली उनकी उड़ान को एक-एक घंटे करके 12 घंटे तक टालने के बाद आखिरकार रद्द कर दिया गया, लेकिन यात्रियों को इसकी स्पष्ट जानकारी तक नहीं दी गई.
घने कोहरे के चलते उड़ानें रद्द
मौसम विभाग द्वारा मंगलवार सुबह घने कोहरे की चेतावनी के बाद एयर इंडिया ने कुछ निर्धारित उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया. एयरलाइन ने बताया कि यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए ‘फॉग केयर प्रोग्राम’ लागू किया गया है, जिसके तहत प्रभावित यात्रियों को बिना किसी शुल्क के टिकट बदलने या पूरा रिफंड देने की सुविधा दी जा रही है.
स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई का आदेश
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के सभी छात्रों के लिए अब केवल ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी. शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि यह आदेश सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा. उच्च कक्षाओं के लिए पहले से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कक्षाएं जारी रहेंगी.
27 निगरानी केंद्रों पर हवा “गंभीर” श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली के 27 निगरानी केंद्रों पर हवा “गंभीर” श्रेणी में रही, जबकि 12 स्थानों पर “बहुत खराब” स्थिति दर्ज की गई. वजीरपुर क्षेत्र में AQI सबसे अधिक रहा. पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर राष्ट्रीय मानकों से कई गुना अधिक पाए गए. आंकड़ों के अनुसार प्रदूषण में परिवहन, निर्माण गतिविधियां और पराली जलाने की भी भूमिका रही.
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
घनी धुंध और जहरीली हवा से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं. डॉक्टरों ने लोगों को बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और बच्चों को घर के अंदर रखने की सलाह दी है. कई पर्यटकों ने भी दिल्ली की हवा पर चिंता जताई और कहा कि अन्य शहरों की तुलना में यहां सांस लेना मुश्किल हो गया है.
आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर हवाओं और कम तापमान के कारण प्रदूषक वातावरण में फंसे हुए हैं. आने वाले कुछ दिनों तक हवा की स्थिति “बहुत खराब” बने रहने की आशंका है. ऐसे में दिल्लीवासियों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है.


