शुरुआती रुझानों में AIMIM ने मारी बाजी, मुंबई के चिता कैंप और वार्ड 145 में आगे
बीएमसी सहित महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों की मतगणना शुरू हो गई है. शुरुआती रुझानों में AIMIM ने मुंबई और नांदेड में बढ़त बनाकर सबको चौंकाया है, जबकि कल्याण-डोंबिवली में MNS भी आगे चल रही है.

मुंबई: बीएमसी को लेकर लंबे समय से बना सस्पेंस आज खत्म होने की ओर है. सुबह 10 बजे से मुंबई और महाराष्ट्र के कुल 29 नगर निगमों के चुनावों की मतगणना शुरू हो चुकी है. हालांकि, इन सभी में सबसे ज्यादा चर्चा और ध्यान बीएमसी के नतीजों पर है, क्योंकि यह देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक मानी जाती है और राज्य की राजनीति में इसका बड़ा महत्व है.
ताजा रुझानों की बात करें तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सभी को चौंकाते हुए अच्छी शुरुआत की है. मुंबई के वार्ड नंबर 145 और चिता कैंप इलाके से AIMIM के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं और लगातार अपनी बढ़त मजबूत कर रहे हैं. इसके अलावा नांदेड नगर निगम में भी AIMIM ने शिंदे गुट की शिवसेना, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बना ली है. कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. यहां पार्टी दो सीटों पर आगे चल रही है, जिससे यह साफ है कि स्थानीय स्तर पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है.
277 वार्ड, 23 काउंटिंग सेंटर
बीएमसी के कुल 227 वार्डों की मतगणना के लिए 23 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं. दशकों तक बीएमसी पर शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन पार्टी के दो हिस्सों में बंटने के बाद यह चुनाव उद्धव ठाकरे और उनके गुट के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. इस बार ठाकरे बंधुओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा है, जबकि दूसरी ओर महायुति के तहत एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर मैदान संभाला है.
क्या कहता हैं एग्जिट पोल
चुनाव से पहले आए एग्जिट पोल इस ओर इशारा कर चुके हैं कि मुकाबला एकतरफा हो सकता है. अनुमान है कि बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना को 131 से 151 सीटों के बीच सफलता मिल सकती है. वहीं, उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) को 58 से 68 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है. कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के खाते में 12 से 16 सीटें आने की संभावना जताई गई है.
चरणबद्ध मतगणना से नतीजों में देरी
इस बार नगर निगम प्रशासन ने मतगणना के लिए नई व्यवस्था अपनाई है. इसे ‘चरणबद्ध मतगणना’ कहा जा रहा है. नगर निगम आयुक्त भूषण गगरानी के अनुसार, सभी वार्डों की एक साथ गिनती करने के बजाय हर काउंटिंग सेंटर पर एक समय में केवल दो वार्डों के वोट गिने जाएंगे. इसका मतलब यह है कि सुबह 10 बजे सिर्फ 46 वार्डों की गिनती शुरू हुई है.
अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से गिनती ज्यादा सटीक होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम रहेगी. हालांकि, इसके चलते अंतिम नतीजे आने में सामान्य समय से 1 से 2 घंटे की देरी हो सकती है.


