AI का जवाना है, कोई गाए, मेरा मत बता देना...बिहार चुनाव के दौरान RJD पर बने गानों से सावधान हुए अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी से जुड़े कलाकारों और टीम को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह बिहार में बनने वालों गानों की तरह कोई गाना नहीं बनाए, जिसमें जाति-जाति, लाठी-डंडा, गोली-बंदूक, रंगबाजी और दबंगई जैसे शब्दों का इस्तेमाल हो.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

उत्तर प्रदेश : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में अपने कलाकारों और गायकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे बिहार चुनाव जैसे गाने न बनाएं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन, खासकर RJD और तेजस्वी यादव के समर्थन में कई गाने बनाए गए थे जिनमें जाति, रंगदारी और दबंगई जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ. इन गानों ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया और NDA नेताओं ने इन्हें हथियार बनाकर RJD पर जंगलराज का ठप्पा लगाया.

इस प्रचार ने महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया और अंततः हार का कारण भी बना. इसी घटनाक्रम को देखते हुए अखिलेश यादव नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की छवि पर इस तरह के गानों का नकारात्मक प्रभाव पड़े.

बिहार जैसा गाना” यूपी में न बनाएं
अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी से जुड़े गायकों और डिजिटल क्रिएटर्स को साफ संदेश दिया कि वे किसी भी तरह का “बिहार जैसा गाना” यूपी में न बनाएं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे गानों का राजनीतिक नुकसान बड़ा होता है और इनका उपयोग विपक्ष द्वारा गलत तरीके से किया जा सकता है. अखिलेश ने यहां एक AI द्वारा बनाए गए गाने का उदाहरण भी दिया और कहा कि आज तकनीक इतनी तेज है कि विवादित सामग्री तुरंत बन जाती है. इसलिए कलाकारों को संयम के साथ, सोच-समझकर काम करना चाहिए.

RJD और महागठबंधन की हार से सीख
बिहार चुनाव में RJD के लिए बनाए गए कई गाने पार्टी के लिए मुसीबत साबित हुए. सोशल मीडिया और चुनावी सभाओं में इन गानों को बड़े स्तर पर बजाया गया और NDA ने इनका इस्तेमाल विपक्ष की छवि खराब करने के लिए किया. “जंगलराज”, “लालू राज”, “जातिवादी राजनीति” जैसी छवि को इन गानों ने और मजबूत किया. परिणामस्वरूप, महागठबंधन को भारी नुकसान हुआ. समाजवादी पार्टी इस गलती को दोहराना नहीं चाहती, इसलिए अखिलेश यादव ने पहले ही कलाकारों को आगाह कर दिया है.

कोई भी कलाकार पार्टी की छवि खराब ना करें 
अखिलेश यादव का यह कदम बताता है कि सपा आगामी चुनावों में नियंत्रित और सकारात्मक प्रचार पर फोकस करना चाहती है. जाति या क्षेत्रीय विवाद पैदा करने वाले गानों से पार्टी अपनी दूरी बनाए रखना चाहती है. इसके साथ ही पार्टी नहीं चाहती कि कोई भी कलाकार बिना अनुमति समाजवादी पार्टी की छवि का इस्तेमाल विवादित सामग्री में करे.

प्रचार में अनुशासन और मर्यादा सबसे महत्वपूर्ण
अखिलेश ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी प्रचार में अनुशासन और मर्यादा सबसे महत्वपूर्ण हैं. बिहार चुनाव से मिले सबक और समाजवादी पार्टी की भविष्य की तैयारी को देखते हुए, अखिलेश यादव का यह निर्देश बेहद रणनीतिक है. यह स्पष्ट करता है कि सपा किसी भी तरह की नकारात्मक या विवादित प्रचार सामग्री से दूर रहकर साफ-सुथरी राजनीति की राह पर आगे बढ़ना चाहती है.

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