भाटापारा इस्पात संयंत्र में धमाका, 6 मजदूरों की मौत की आशंका, 10 से ज्यादा घायल
छत्तीसगढ़ के बलोदाबाजार-भाटापारा में एक इस्पात संयंत्र की कोयला भट्टी में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम छह मजदूरों की मौत की आशंका है और 10 से अधिक घायल हुए हैं.

छत्तीसगढ़ के बलोदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित एक इस्पात संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस हादसे में कम से कम छह मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि 10 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
हादसा कहां हुआ?
यह हादसा बलोदाबाजार के बाहरी क्षेत्र बकुलाही में स्थित रियल इस्पात स्टील प्लांट में हुआ. जानकारी के अनुसार, संयंत्र में रोजमर्रा की तरह कामकाज चल रहा था. इसी दौरान कोयले से चलने वाली भट्टी में अचानक तेज विस्फोट हो गया. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त कई मजदूर भट्टी के आसपास सफाई और रखरखाव का काम कर रहे थे, जिससे वे सीधे विस्फोट की चपेट में आ गए.
VIDEO | Balodabazar-Bhatapara, Chhattisgarh: Six workers feared dead and over 10 injured in a blast reported at a steel factory. More details awaited.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 22, 2026
(Source: Third Party)#Chhattisgarh pic.twitter.com/P7fqqnW6LC
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के साथ ही आग की ऊंची लपटें उठीं और गर्म कोयले के टुकड़े चारों ओर फैल गए. कई मजदूर आग और तपती भट्टी के सीधे संपर्क में आ गए, जिससे उन्हें गंभीर जलन की चोटें आईं. विस्फोट के बाद चीख-पुकार मच गई और फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य कर्मचारी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे.
कई श्रमिकों का चल रहा इलाज
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. घायल मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है. हालांकि, घायलों की सटीक संख्या और मृतकों की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की ओर से अभी नहीं की गई है. डॉक्टरों के अनुसार, कई श्रमिकों को गंभीर रूप से झुलसने की चोटें आई हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
विस्फोट के बाद आग पर काबू पाने के लिए बलोदाबाजार और आसपास के जिलों से दमकल की कई गाड़ियां भेजी गईं. काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य तेज किया गया. पुलिस ने एहतियात के तौर पर फैक्ट्री परिसर को घेर लिया ताकि किसी और तरह की अनहोनी न हो.
फिलहाल संयंत्र प्रबंधन की ओर से हादसे के कारणों या पीड़ितों की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि भट्टी में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई- इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी. यह हादसा राज्य में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है.


