संभल में बना था अवैध मदरसा, गरजा प्रशासन का बुल्डोजर...दुकानें भी कराईं ध्वस्त, अब जुर्माना भी वसूला जाएगा

संभल में प्रशासन ने सलेमपुर सालार गांव में ढाई हजार वर्ग मीटर में बने अवैध मदरसे और दुकानों को गिरा दिया. जमीन पर वर्षों से कब्जा था. 58 लाख का जुर्माना लगाया गया और भूमि को सामाजिक कार्यों में उपयोग करने की योजना है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

संभलः उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सलेमपुर सालार गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाया. गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित एक अवैध मदरसे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया. करीब ढाई हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला यह मदरसा लंबे समय से विवादों में था और इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज थीं. प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह मदरसा पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से संचालित हो रहा था.

बेशकीमती जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा

अधिकारियों के मुताबिक जिस जमीन पर मदरसा बना था, उसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है. यह भूमि गांव के मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित है और सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी में आती है. जांच में सामने आया कि करीब 20 से 25 साल पहले इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कराया गया था. न तो जमीन का वैध आवंटन हुआ था और न ही निर्माण के लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी.

न रजिस्ट्रेशन, न नक्शा मंजूर

प्रशासनिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मदरसा किसी भी सरकारी विभाग में पंजीकृत नहीं था. इसके पास न तो शिक्षा विभाग की मान्यता थी और न ही निर्माण से संबंधित कोई स्वीकृत नक्शा. इसके बावजूद यहां वर्षों से धार्मिक और अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. अधिकारियों ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया.

कमर्शियल इस्तेमाल का भी खुलासा

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मदरसे के बाहरी हिस्से में कई दुकानें बनाई गई थीं. इन दुकानों का इस्तेमाल पूरी तरह व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था. बताया गया कि इन दुकानों से किराया भी वसूला जाता था, जिससे मदरसे के नाम पर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था. ये दुकानें भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई थीं, इसलिए प्रशासन ने मदरसे के साथ-साथ सभी दुकानों को भी गिराने का निर्णय लिया.

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई

शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो. जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की.

पहले दिए गए थे नोटिस

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि इस अवैध निर्माण को लेकर पहले ही कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे. अतिक्रमण हटाने के लिए समय भी दिया गया था, लेकिन संबंधित पक्ष की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके चलते प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि कानून के तहत अवैध कब्जा हटाना जरूरी था.

अतिक्रमणकारियों पर जुर्माना 

डीएम ने बताया कि इस मामले में धारा 67 के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. अब तक करीब 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और बुलडोजर कार्रवाई पर आने वाला खर्च भी अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में भी जहां-जहां अवैध कब्जे मिलेंगे, वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जमीन का होगा सामाजिक उपयोग

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध कब्जा हटने के बाद इस जमीन का उपयोग गांव के गरीब और जरूरतमंद लोगों के हित में किया जाएगा. सरकार की योजना है कि इस भूमि से प्राप्त संसाधनों का इस्तेमाल सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए हो, ताकि गांव के विकास को गति मिल सके.

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