बिहार चुनाव के बाद एक्शन में BJP, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए किया निष्कासित
बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की शानदार जीत हुई है. वहीं इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन को मुंह की खानी पड़ी और विपक्ष 35 सीटों पर ही सिमट गया. रिजल्ट के अगले दिन ही बीजेपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया है.

बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के ठीक अगले दिन भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा और अप्रत्याशित फैसला लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा से सांसद आर.के. सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. कई महीनों से पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए रखने वाले आर.के. सिंह पर चुनाव अभियान के दौरान की गई गतिविधियों को भाजपा ने गंभीर पार्टी-विरोधी आचरण माना. उनके खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई है जब भाजपा और जदयू मिलकर बिहार में मजबूत जनादेश के साथ नई राजनीतिक संरचना तैयार कर रहे हैं.
आर.के. सिंह की बयानबाजी से बढ़ा विवाद
बिहार चुनाव परिणाम, NDA की जबर्दस्त सफलता
चुनाव नतीजों की बात करें तो इस बार एनडीए गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतकर जबर्दस्त सफलता हासिल की. भाजपा ने 89 सीटें, जदयू ने 85 और लोजपा (रामविलास) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की. इस भारी जनादेश ने नीतीश कुमार और भाजपा के नेतृत्व में सरकार को मजबूत आधार दिया है. यह जीत बिहार की राजनीति में एनडीए की पकड़ को पहले से अधिक स्थिर और व्यापक बनाती है.
कमजोर साबित हुआ महागठबंधन
इस चुनाव में विपक्ष बहुत कमजोर साबित हुआ और INDIA गठबंधन को कुल मिलाकर केवल 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा. राजद 25 सीटों तक सिमट गया, कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, भाकपा (माले) को दो और माकपा को सिर्फ एक सीट मिली. दूसरी ओर, एआईएमआईएम ने सीमांचल क्षेत्र में अपनी पकड़ साबित करते हुए पांच सीटें जीतीं. बसपा और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को एक-एक सीट मिली, लेकिन कुल मिलाकर विपक्ष बुरी तरह बिखरा दिखा.
भाजपा का संदेश, अनुशासन सर्वोपरि
आर.के. सिंह को निष्कासित करने का कदम भाजपा की ओर से यह स्पष्ट संकेत है कि विशाल जन mandate मिलने के बावजूद पार्टी संगठनात्मक अनुशासन के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी. पार्टी यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि नेतृत्व चुनौती को लेकर चाहे विरोध कितना भी बड़ा हो, संगठन के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


