दिवाली से पहले CM रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को दी बड़ी राहत, 11 हजार करोड़ पानी बिल की लेट फीस की माफ
Delhi water Bill waiver : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घरेलू पानी के बिलों पर विलंब शुल्क की पूरी माफी की घोषणा की है, जो जनवरी 31, 2026 तक लागू रहेगी. इसके बाद फरवरी से मार्च तक 70% छूट मिलेगी. अवैध जल कनेक्शन को वैध बनाने के शुल्क भी कम किए गए हैं. दिल्ली जल बोर्ड के पास कुल 87,589 करोड़ रुपये के बकाया बिल हैं, जिनमें से अधिकांश विलंब शुल्क है. दिल्लीवासियों के लिए बड़ी राहत, CM रेखा गुप्ता ने पानी के बिलों पर विलंब शुल्क माफी की घोषणा की

Delhi water Bill waiver : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए घरेलू जल उपभोक्ताओं के लिए पानी के बिलों पर लगे विलंब भुगतान शुल्क (लेटल पेमेंट सरचार्ज) को माफ करने की नीति की शुरुआत की. इस योजना के तहत, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जनवरी 31, 2026 तक विलंब शुल्क की पूरी माफी दी जाएगी, जो कुल 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि है.
विलंब शुल्क में बड़ी छूट, 100% से घटकर 70%
अवैध जल कनेक्शन के लिए संशोधित शुल्क
सरकार ने अवैध जल कनेक्शन को वैध बनाने के लिए भी शुल्कों में भारी कटौती की है. घरेलू कनेक्शनों के लिए अवैध से वैध परिवर्तन शुल्क को 25,000 रुपये से घटाकर मात्र 1,000 रुपये कर दिया गया है. वहीं, गैर-घरेलू कनेक्शन के लिए यह शुल्क 61,000 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कुल 29 लाख अवैध जल कनेक्शन मौजूद हैं, जिन्हें वैध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
दिल्ली जल बोर्ड के बकाया बिलों की स्थिति
दिल्ली जल बोर्ड के पास कुल बकाया पानी के बिलों की राशि लगभग 87,589 करोड़ रुपये है, जिसमें घरेलू, सरकारी और व्यावसायिक सभी श्रेणियां शामिल हैं. इस कुल राशि में से मुख्य राशि 7,125 करोड़ रुपये है, जबकि विलंब शुल्क लगभग 80,463 करोड़ रुपये है, जो कुल बिल का 91 प्रतिशत है. यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि विलंब शुल्क की माफी से उपभोक्ताओं पर कितना बड़ा आर्थिक दबाव कम होगा.
लाखों घरों को मिलेगी वित्तीय राहत
इस योजना से दिल्ली के लाखों घरों को वित्तीय राहत मिलेगी और अवैध कनेक्शनों को वैध बनाने की प्रक्रिया भी सरल होगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की यह पहल न केवल उपभोक्ताओं के लिए मददगार साबित होगी, बल्कि दिल्ली जल बोर्ड के लिए भी राजस्व संग्रहण की स्थिति सुधारने में सहायक होगी.


