फार्महाउस में 262 करोड़ की ड्रग्स बरामद...दिल्ली में NCB की बड़ी कार्रवाई, सेल्स मैनेजर निकला सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
दिल्ली में NCB ने फार्महाउस रेड और तीन दिन के ऑपरेशन 'Crystal Fortress' में 328 किलो मेथाम्फेटामिन बरामद की, जिसकी कीमत 262 करोड़ रुपये से अधिक है. इस कार्रवाई में 25 वर्षीय शेन वारिस और महिला आरोपी एस्थर किनिमी को गिरफ्तार किया गया.

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत 328 किलो मेथाम्फेटामिन बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 262 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. यह कार्रवाई एक फार्महाउस पर छापेमारी से शुरू हुई और इसके बाद तीन दिन तक लगातार ऑपरेशन चलाया गया. इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ.
मुख्य आरोपी शेन वारिस की गिरफ्तारी
छतरपुर में 328 किलो मेथाम्फेटामिन बरामद
शेन की जानकारी के आधार पर NCB ने छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 में छापेमारी की, जिसमें 328.54 किलो मेथाम्फेटामिन बरामद हुआ. यह बरामदगी हाल के वर्षों में NCB की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है. शेन की जानकारी से केवल ड्रग्स ही बरामद नहीं हुई, बल्कि नेटवर्क के विदेशी लिंक, सप्लाई रूट और लेन-देन के तरीके का भी पता चला.
ऑपरेशन 'Crystal Fortress' और सरकार की सराहना
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन 'Crystal Fortress' में NCB और दिल्ली पुलिस की टीम की सराहना की. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत विजन के अनुरूप एजेंसियों के बीच सीमलेस समन्वय का उदाहरण बताया. यह कार्रवाई सिंथेटिक ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और उनके स्थानीय सहयोगियों को खत्म करने के प्रयास को दर्शाती है.
जांच जारी, विदेशी लिंक और अन्य गिरफ्तारियां
NCB की जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा था. एजेंसी अभी सप्लायर्स, फाइनेंशियल चैनल, स्टोरेज पॉइंट और ट्रांसपोर्ट रूट का पूरा नक्शा तैयार कर रही है. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों और जब्ती की संभावना है. इस नेटवर्क में शेन और एस्थर किनिमी के अलावा कई और सह-साजिशकर्ता शामिल हैं.
दिल्ली-NCR में हुई इस मेगा ड्रग बरामदगी से स्पष्ट हुआ कि NCB और पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ ठोस कदम उठाए हैं. ऑपरेशन 'Crystal Fortress' ने यह साबित कर दिया कि भारत में ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सीमलेस समन्वय की क्षमता मौजूद है. इस सफलता ने देश में नशामुक्त भारत के प्रयासों को मजबूती प्रदान की है.


