बिहार चुनाव के पहले चरण में अपराधी छवि वाले उम्मीदवारों की बाढ़, 40% करोड़पति, एडीआर रिपोर्ट ने किया खुलासा

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 1,303 उम्मीदवार मैदान में हैं, और इनमें से 32% (423) पर आपराधिक केस दर्ज हैं. यानी हर तीन में से एक उम्मीदवार पर मुकदमा चल रहा है. उनमें से 27% पर तो गंभीर आरोप जैसे हत्या, बलात्कार या अपहरण जैसे मामले हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

बिहार चुनाव: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में मैदान में उतरे 1,303 उम्मीदवारों में से 423 (32%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि इनमें से 354 (27%) उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं.

पहले चरण में कुल 121 सीटों पर मतदान होना है. रिपोर्ट ने यह भी बताया कि 33 उम्मीदवारों पर हत्या से संबंधित मामले, 86 पर हत्या के प्रयास, और 42 उम्मीदवार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में आरोपी हैं.

 सबसे अधिक दागी उम्मीदवार राजद के

रिपोर्ट के अनुसार, दो उम्मीदवारों के खिलाफ घोर अपराध के मामले भी दर्ज हैं. राजनीतिक दलों के अनुसार विश्लेषण में पाया गया कि:-

 गंभीर मामलों में राजद और भाजपा सबसे आगे

गंभीर अपराधों के मामलों में भी प्रमुख पार्टियों की स्थिति चिंताजनक है. रिपोर्ट के मुताबिक:-

राजद के 70 में से 42 (60%) उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप हैं. भाजपा के 48 में से 27 (56%), भाकपा (माले) के 14 में से 9 (64%), और कांग्रेस के 23 में से 12 (52%) उम्मीदवार गंभीर मामलों में आरोपी हैं. वहीं, जनसुराज पार्टी के 114 में से 49 (43%), लोजपा (रामविलास) के 13 में से 5 (38%), जदयू के 57 में से 15 (26%), बसपा के 89 में से 16 (18%), और भाकपा के 5 में से 4 (80%) उम्मीदवारों पर भी गंभीर धाराओं में केस हैं.

 40 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति

रिपोर्ट के मुताबिक कुल 1,303 उम्मीदवारों में से 519 (40%) करोड़पति हैं. उम्मीदवारों की औसत घोषित संपत्ति ₹3.26 करोड़ है. यह आंकड़ा बताता है कि चुनावी मैदान में उतरने वाले अधिकतर प्रत्याशी वित्तीय रूप से मजबूत हैं.

 उम्मीदवारों की शिक्षा और पृष्ठभूमि

शैक्षिक योग्यता के अनुसार, 519 (40%) उम्मीदवार 5वीं से 12वीं तक शिक्षित हैं, जबकि 651 (50%) उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं. यह दर्शाता है कि बिहार चुनाव में शिक्षित और आर्थिक रूप से सक्षम उम्मीदवारों का अनुपात लगातार बढ़ रहा है.

 महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी केवल 9%

पहले चरण में महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी मात्र 9 प्रतिशत है. बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी.

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