नन्ही शिफा की दर्दनाक मौत: गंदे कपड़ों के चक्कर में पिता-सौतेली मां ने बच्ची को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

गाजियाबाद में एक छह साल की मासूम शिफा को उसके पिता और सौतेली मां ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला. पोस्टमार्टम में बच्ची के नन्हे शरीर पर 13 गहरे जख्म और कई टूटी हड्डियां मिलीं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

गाजियाबाद के वेव सिटी इलाके में छह साल की मासूम शिफा की हत्या का मामला लगातार चौंकाने वाले खुलासों से भरा हुआ है. घटना वाले दिन बच्ची खेलते हुए नाली में गिर गई और गंदी हो गई, जिससे सौतेली मां निशा भड़क उठी. पहले पिता अकरम ने थप्पड़ जड़े और फिर निशा ने डंडे से इतनी पिटाई की कि शिफा बेहोश हो गई. 

पुलिस जांच में पता चला कि निशा शादी के कुछ ही दिनों बाद से सौतेले बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करने लगी थी. छोटी-छोटी गलतियों पर वह बच्चों को बुरी तरह पीटती थी. अकरम ने भी बच्चों की रक्षा करने की बजाय निशा का साथ दिया, क्योंकि उसे डर था कि वह बच्चों को अकेले कैसे संभालेगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बच्ची के शरीर पर मिले जख्मों और टूटी हड्डियों से क्रूरता की पुष्टि की है.


सौतेली मां की क्रूरता का खुलासा

पुलिस पूछताछ से सामने आया कि निशा ने दूसरे निकाह के थोड़े समय बाद ही तीनों सौतेले बच्चों पर अत्याचार शुरू कर दिए थे. मामूली बातों जैसे चप्पल कमरे में रखना, बर्तन इधर-उधर करना, बिस्तर ठीक से न मोड़ना या ज्यादा खाना मांगना पर वह बच्चों को बेरहमी से मारती थी.

बच्चों को बोझ समझती थी निशा

अकरम ने जांच में बताया कि तीन साल पहले उसकी पहली पत्नी गुलजार की मौत हो गई थी. 2023 में उसने मेरठ के किठौर की निवासी निशा से निकाह किया. अकरम के मुताबिक पहली पत्नी से पैदा तीनों बच्चों को निशा बोझ समझती थी और घर छोड़कर जाने की धमकी देती थी. उसे डर था कि दूसरी पत्नी भी चली गई तो वह तीनों बच्चों को कैसे पालेगा. इसी डर में वह निशा परवीन का साथ देता रहा और बच्चों पर हो रही मारपीट को रोक नहीं पाया.


घटना की पूरी टाइमलाइन 

 वेव सिटी पुलिस के मुताबिक 10 जनवरी की शाम करीब छह बजे शिफा खेलते-खेलते नाली में गिर गई थी, जिससे उसके शरीर पर कीचड़ लग गया. इसी बात को लेकर निशा आग-बबूला हो गई और फोन कर अकरम को बुला लिया. अकरम भी गुस्से में आ गया और उसने भी बच्ची को थप्पड़ मारे. इसके बाद निशा ने डंडे बरसाए.

11 जनवरीः

शिफा अचेत अवस्था में रही और सौतेली मां ने उसे खाने तक को नहीं पूछा. दोपहर तक शिफा में कोई हलचल न होने पर घबराए अकरम ने उसे पहले मसूरी फिर पिलखुवा और फिर मेरठ में डॉक्टर को दिखाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. रात करीब तीन बजे बच्ची के ननिहाल सूचना दी गई कि शिफा की हालत ज्यादा खराब है.


12 जनवरी:

अकरम और निशा ने आनन-फानन में शव को सुपुर्देखाक करने की तैयारी शुरू कर दी. अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी कि ननिहाल पक्ष के लोग पहुंच गए. ननिहाल पक्ष के द्वारा डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी गई. अकरम और निशा ने बीमारी से मौत बताया, लेकिन बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान देख पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा.

13 जनवरीः

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर चोट के 13 से अधिक निशान मिले. दोनों हाथों तथा एक घुटने की हड्डी टूटी मिली, आंख में गंभीर चोट थी और पसलियां भी टूटी पाई गईं. मौत का कारण पटकने और सिर में रक्तस्राव बताया गया है. इतना ही नहीं, पुलिस की जांच में शिफा के चार वर्षीय छोटे भाई आहिल के शरीर पर भी चोट के निशान मिले.

पुलिस की कार्रवाई और आरोपएसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि सौतेली मां और पिता दोनों ने मिलकर बच्ची की हत्या की है. पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है. बच्ची के नाना जहीर की शिकायत पर दोनों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. बुधवार शाम कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

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