मकर संक्रांति पर पतंगबाजी करते समय बरतें सावधानी, नहीं तो हो सकता है बड़ा हादसा

मकर संक्रांति 2026 पर पतंगबाजी की धूम रहेगी, लेकिन जरा-सी लापरवाही आपकी खुशियों पर भारी पड़ सकती है.सुरक्षित तरीके से पतंग उड़ाकर ही इस पर्व का पूरा आनंद लें.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

मकर संक्रांति 2026: मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाई जा रही है. इस दिन आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है और लोग परिवार व दोस्तों के साथ पतंगबाजी का आनंद लेते हैं. देश के कई हिस्सों में पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं, जिससे त्योहार का उत्साह और बढ़ जाता है.

हालांकि, इस खुशी भरे माहौल में जरा सी लापरवाही गंभीर हादसों में बदल सकती है. खासकर बच्चे इस दिन सबसे ज्यादा उत्साहित रहते हैं, इसलिए जरूरी है कि पतंग उड़ाते समय कुछ अहम बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि त्योहार की खुशियां किसी दुर्घटना में न बदल जाएं.

मकर संक्रांति का धार्मिक और प्राकृतिक महत्व

मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है. इसे उत्तरायण का पर्व भी कहा जाता है, क्योंकि इसके बाद दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं. यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति, स्वास्थ्य और उल्लास से भी जुड़ा होता है. इस दिन तिल-गुड़ से बनी चीजें खाने और पतंग उड़ाने की परंपरा है.

चाइनीज मांझा न करें इस्तेमाल

पतंग उड़ाते समय सबसे बड़ा खतरा चाइनीज मांझा होता है. हर साल इसके कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं और कई बार जान तक चली जाती है. पक्षियों को भी इससे भारी नुकसान पहुंचता है. मकर संक्रांति पर पतंगबाजी करते समय चाइनीज मांझे से दूर रहना दूसरों के साथ-साथ आपकी अपनी सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है.

बच्चों को छत पर अकेला न छोड़ें

अगर बच्चे पतंग उड़ा रहे हैं तो उन्हें छत पर अकेले न छोड़ें. कई बार मांझे से उंगलियां कट जाती हैं या बच्चे पतंग के चक्कर में छत के किनारों पर ध्यान नहीं दे पाते. खासकर अगर छत की मुंडेर नीची हो तो ज्यादा सतर्क रहना जरूरी है, वरना गिरने का खतरा बढ़ जाता है.

कटी हुई पतंग लूटने में न लें जोखिम

भले ही बाजार में पतंग सस्ती मिल जाती है, लेकिन कटी हुई पतंग लूटने का जोश बच्चों में अलग ही होता है. वे उसे पकड़ने के लिए तेज दौड़ते हैं या छत से इधर-उधर कूदने लगते हैं. ध्यान रखें कि बच्चे सड़क की ओर न दौड़ें और न ही बिजली के तारों में फंसी पतंग खींचने की कोशिश करें, क्योंकि यह बेहद खतरनाक हो सकता है.

त्वचा और सेहत का भी रखें ध्यान

पतंग उड़ाते वक्त खाने-पीने और सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. तेज धूप में लंबे समय तक रहने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसलिए बीच-बीच में पानी पीते रहें और बच्चों को भी पर्याप्त तरल पदार्थ देते रहें. धूप से त्वचा पर रैशेज और टैनिंग हो सकती है, इससे बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा.

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