सलमान खान को फांसी देने की मांग, ठाकुर रघुराज सिंह के विवादित बयान ने मचाई हलचल
उत्तर प्रदेश के मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को देशद्रोही करार देते हुए फांसी की मांग की और जनता से उनकी फिल्में न देखने की अपील की. उनका यह विवादित बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.

उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह एक बार फिर विवादों में आ गए हैं. योगी सरकार के इस दर्जा प्राप्त मंत्री ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को देशद्रोही करार देते हुए फांसी देने की मांग की है. उनका यह बयान अलीगढ़ दौरे के दौरान सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर भारी चर्चा और तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर दी है.
सलमान खान पर ठाकुर रघुराज सिंह का कटाक्ष
ठाकुर रघुराज सिंह ने कहा कि सलमान खान पाकिस्तान और बांग्लादेश का समर्थन करते हैं और केवल मुसलमानों से लाभ कमाते हैं, जबकि हिंदुओं से कमाई करते हैं. उन्होंने कहा कि "सलमान खान देशद्रोही है. उसे पाकिस्तान चले जाना चाहिए. हिंदुस्तान के हिंदुओं को उनका नैन-मटक्का दिखाकर पैसा कमाता है और पाकिस्तान को सपोर्ट करता है. यह देशद्रोही है, इसे फांसी मिलनी चाहिए."
ठाकुर रघुराज सिंह की जनता से अपील
मंत्री ने आगे कहा कि सलमान खान 'बेईमान, चोर, डकैत और बदमाश' हैं. उन्होंने हिंदुस्तानी जनता से अपील की कि सलमान की फिल्में बिल्कुल न देखें. ठाकुर रघुराज सिंह के इस बयान ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, जहां उनके खिलाफ और उनके समर्थन में दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
विवादित बयान से सुर्खियों में ठाकुर रघुराज सिंह
यह पहली बार नहीं है जब ठाकुर रघुराज सिंह विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए हैं. इससे पहले उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) को लेकर कई विवादित बयान दिए, साथ ही मंदिर-मस्जिद और धार्मिक मामलों पर भी उनके कई विवादित विचार सामने आए हैं. अब इस बार उनका निशाना बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान बने हैं.
विशेषज्ञों और राजनीतिक समीक्षकों ने क्या कहा?
विशेषज्ञों और राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि ठाकुर रघुराज सिंह अक्सर ऐसे बयान देकर ध्यान आकर्षित करते हैं. उनका यह नया बयान न केवल मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना है, बल्कि राजनीतिक और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बहस तेज हो गई है. हालांकि, सलमान खान या उनके प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं, बीजेपी और उत्तर प्रदेश की सरकार इस मामले पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं.


