IAS पूजा खेडकर के पिता पर किडनैपिंग का आरोप, ट्रक क्लीनर को किया अगवा...पुलिस ने कोर्ट में बताया पूरा मामला

Pooja Khedkar controversy : नवी मुंबई में दिलीप खेडकर, जो पूर्व IAS पूजा खेडकर के पिता हैं, पर ट्रक क्लीनर के अपहरण का संगीन आरोप लगा है. मामूली सड़क दुर्घटना के बाद क्लीनर को जबरन पुणे ले जाकर बंद कर दिया गया. पुलिस की जांच में यह घटना एक सुनियोजित और संगठित अपराध के रूप में सामने आई है, जिसे अदालत ने भी गंभीरता से लिया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Pooja Khedkar controversy : नवी मुंबई की एक अदालत में हाल ही में पेश हुई पुलिस रिपोर्ट ने 13 सितंबर को हुए एक सड़क हादसे से जुड़े मामले को महज एक सामान्य झगड़ा नहीं, बल्कि एक गंभीर और संगठित अपराध करार दिया है. यह मामला दिलीप खेडकर से जुड़ा है, जो पूर्व आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पिता हैं. पूजा खेडकर पहले भी सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के चलते विवादों में रह चुकी हैं, और अब उनके पिता का नाम एक अपहरण मामले में सामने आना, पूरे प्रकरण को और गंभीर बना देता है.

कैसे शुरू हुआ विवाद

मुलुंड-ऐरोली रोड पर दिलीप खेडकर की लैंड क्रूजर कार एक मिक्सर ट्रक से मामूली टकरा गई थी. उस समय ट्रक में ड्राइवर के साथ क्लीनर प्रह्लाद कुमार भी मौजूद था. टक्कर के बाद दिलीप खेडकर गुस्से में उतर पड़े और ट्रक ड्राइवर से जोरदार बहस करने लगे. बहस के दौरान उन्होंने ट्रक क्लीनर को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाया और कहा कि वे उसे पुलिस स्टेशन ले जा रहे हैं. मगर असल में उन्होंने प्रह्लाद कुमार को सीधे पुणे स्थित अपने बंगले पर ले जाकर, उसे वहां बेसमेंट में बंद कर दिया.

अदालत के सामने पुलिस का खुलासा
पुलिस ने अदालत को बताया कि इस पूरे मामले की योजना अचानक नहीं बनी, बल्कि इसका स्वरूप संगठित अपराध जैसा है. आरोपी ने न केवल क्लीनर को अगवा किया, बल्कि उसे कई घंटों तक स्वतंत्रता से वंचित रखा. यह स्पष्ट रूप से भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में आता है. पुलिस ने इस किडनैपिंग को एक गहरी साजिश बताते हुए कहा कि इसमें कई और पहलुओं की जांच की जा रही है, और इसमें अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

पूजा खेडकर का केस क्यों महत्वपूर्ण है?
पूजा खेडकर का नाम इस केस में प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ा है, लेकिन उनके पिता का आपराधिक मामला उनके पहले से विवादों में रहे करियर को और नकारात्मक छवि दे सकता है. यह मामला उनके परिवार की पृष्ठभूमि और प्रभाव के गलत इस्तेमाल की ओर भी इशारा करता है. चूंकि पूजा खेडकर पहले से ही सिविल सेवा में आरक्षण के दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेज़ों के मामले में सुर्खियों में रही हैं, इसलिए इस नए घटनाक्रम से उनकी छवि और करियर पर भी असर पड़ सकता है.

अगली कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल दिलीप खेडकर के खिलाफ अपहरण और बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने कोर्ट को जानकारी दी है कि आगे की पूछताछ में उन्हें और भी जानकारियां मिलने की उम्मीद है. अदालत ने इस मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और जल्द ही अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी.

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