चाईबासा के जंगलों में छिपे थे नक्सली, खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन...एक करोड़ के इनामी कमांडर समेत 15 ढेर

झारखंड के चाईबासा के जंगलों में झारखंड पुलिस और CRPF की मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी नक्सली अनल दा समेत आठ माओवादी मारे गए. खुफिया सूचना पर चला यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

रांचीः झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है. चाईबासा जिले के घने जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने कुख्यात नक्सली नेता पतिराम माझी उर्फ अनल दा समेत आठ नक्सलियों को मार गिराया. अनल दा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और उसे झारखंड के सबसे खतरनाक माओवादी नेताओं में गिना जाता था.

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

सुरक्षाबलों को चाईबासा के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी. इसके बाद इलाके में संयुक्त तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया गया. जैसे ही जवान आगे बढ़े, नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए कड़ी फायरिंग की, जिससे मुठभेड़ और तेज हो गई.

मुठभेड़ में आठ नक्सली ढेर

घंटों चली इस मुठभेड़ के बाद जब गोलीबारी थमी, तो सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी शुरू की. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कम से कम आठ माओवादी मारे गए हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है और अंतिम आंकड़े बाद में साझा किए जाएंगे. अधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में अनल दा को मार गिराया गया है, जो लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था.

हथियार और गोला-बारूद बरामद होने की संभावना

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हो सकता है. नक्सलियों के किसी भी संभावित भागने के रास्ते को बंद करने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया है. अतिरिक्त बलों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि अभियान के दौरान किसी तरह की चूक न हो.

पहले भी मिली थी बड़ी सफलता

नक्सल विरोधी अभियानों में यह कोई पहली बड़ी कामयाबी नहीं है. इससे पहले दिसंबर में ओडिशा के कंधमाल जिले के जंगलों में चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत छह नक्सलियों को ढेर किया गया था. उस अभियान को भी सुरक्षाबलों की बड़ी जीत माना गया था.

गृह मंत्री ने जताया था भरोसा

ओडिशा ऑपरेशन के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा था कि यह कार्रवाई “नक्सल-मुक्त भारत” की दिशा में एक अहम कदम है. उन्होंने यह भी दोहराया था कि सरकार 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रही है.

गणेश उइके का नक्सल नेटवर्क में अहम रोल

गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था. 69 वर्षीय उइके कई नामों से जाना जाता था और ओडिशा में संगठन का शीर्ष नेता माना जाता था. वह तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला था और वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था.

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई

चाईबासा में हुई यह मुठभेड़ एक बार फिर दिखाती है कि सुरक्षाबल नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं. लगातार मिल रही सफलताओं से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में नक्सली नेटवर्क को और कमजोर किया जाएगा और प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.

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