केजरीवाल के 'शीशमहल' की होगी जांच, CPWD को CVC का निर्देश, BJP ने AAP पर लगाए गंभीर आरोप

Arvind Kejriwal house controversy: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. CVC ने CPWD को 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले के नवीनीकरण और उसमें हुए कथित अनियमितताओं की जांच करने का निर्देश दिया है. बीजेपी ने इसे "शीशमहल" बताते हुए आरोप लगाया कि इस पर जनता के धन का दुरुपयोग हुआ है, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Arvind Kejriwal house controversy: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास की भव्यता और उस पर हुए खर्च को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले के नवीनीकरण और इसमें हुए कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे "शीशमहल" बताते हुए आरोप लगाया है कि इस पर जनता के धन का गलत इस्तेमाल हुआ है.

इस मामले में BJP नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायतों के आधार पर CVC ने जांच के आदेश दिए हैं. गुप्ता का आरोप है कि इस बंगले के विस्तार के लिए सरकारी संपत्तियों को अवैध रूप से विलय किया गया और साज-सज्जा पर जरूरत से ज्यादा खर्च किया गया. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन आरोपों को नकारते हुए BJP पर 'नकारात्मक राजनीति' करने का आरोप लगाया है और प्रधानमंत्री आवास के खर्च पर भी सवाल उठाए हैं.

CVC ने CPWD को सौंपी विस्तृत जांच

CVC ने BJP नेता विजेंद्र गुप्ता की दो शिकायतों का संज्ञान लेते हुए CPWD को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है. गुप्ता ने 14 अक्टूबर 2024 को CVC को पहली शिकायत में आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने 40,000 वर्ग यार्ड (8 एकड़) जमीन पर भवन नियमों का उल्लंघन कर भव्य बंगला बनवाया.

विजेंद्र गुप्ता का दावा 

गुप्ता का दावा है कि इस निर्माण के लिए राजपुर रोड के प्लॉट नंबर 45 और 47, जहां पहले वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायाधीशों के आवास थे, और फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित दो बंगलों (8-ए और 8-बी) को ध्वस्त कर नए आवास में मिला दिया गया. यह पूरा कार्य बिना उचित अनुमोदन के किया गया. उन्होंने कहा, "CVC ने 16 अक्टूबर 2024 को शिकायत दर्ज कर मामले को CPWD को भेजा, जिसने 5 दिसंबर 2024 को अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट दी. इसके बाद 13 फरवरी 2025 को CVC ने CPWD को विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया."

'शीशमहल' की भव्यता पर BJP का सवाल

BJP नेता विजेंद्र गुप्ता ने अपनी दूसरी शिकायत में आरोप लगाया कि केजरीवाल के बंगले की मरम्मत और आंतरिक साज-सज्जा पर अत्यधिक खर्च किया गया. उन्होंने 21 अक्टूबर 2024 को CVC में दूसरी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें इस सरकारी आवास में 'विलासिता' पर किए गए खर्च का उल्लेख किया गया.

उन्होंने कहा, "बंगले में अकल्पनीय तरीके से सार्वजनिक धन खर्च किया गया. सिर्फ टेलीविजन पर 77 लाख रुपये, रेशमी कालीन पर 50 लाख रुपये, पीतल की रेलिंग पर 42 लाख रुपये, स्पा पर 20 लाख रुपये, गर्म पानी के लिए 18 लाख रुपये और शौचालय की सीट पर 12 लाख रुपये खर्च किए गए हैं."

गुप्ता ने कहा कि CVC ने 24 दिसंबर 2024 को CPWD से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी, जिसमें फिजूलखर्ची और अनुचित खर्च की पुष्टि हुई. इसके बाद CVC ने CPWD को गहन जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

AAP का BJP पर पलटवार

AAP की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने BJP पर आरोप लगाते हुए कहा, "अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो BJP मीडिया को बंगले का निरीक्षण करने से क्यों रोक रही है?" उन्होंने BJP को चुनौती देते हुए कहा, "BJP यह साबित करे कि सोने के शौचालय, स्विमिंग पूल और मिनी बार के दावे सच हैं या यह केवल राजनीतिक नाटकबाजी है." कक्कड़ ने प्रधानमंत्री आवास पर हुए खर्च को लेकर भी निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि BJP को दिल्ली के लोगों से किए गए वादों पर ध्यान देना चाहिए, न कि राजनीति के लिए झूठे आरोप लगाने चाहिए.

चुनावी मुद्दा बना 'शीशमहल' विवाद

BJP ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस बंगले के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है. पार्टी ने इसे चुनावी मुद्दा बनाते हुए कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किया गया. अब CVC द्वारा CPWD को जांच का निर्देश देने से केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. BJP का कहना है कि सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले तक अरविंद केजरीवाल इसी बंगले में रहते थे, जिसे उन्होंने अवैध तरीके से "शीशमहल" में तब्दील कर दिया.

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