बर्खास्त सिपाही डिप्टी एसपी बनकर लोगों को लगाता था चूना, हुआ गिरफ्तार

नोएडा थाना फेस-3 पुलिस ने गुप्त सूचना और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर एक शातिर अपराधी शंभूनाथ मिश्रा को गिरफ्तार किया है. शंभूनाथ मिश्रा लंबे समय से लोगों को धोखा देने में माहिर था और बड़ी चालाकी से अपने जाल में फंसाता था.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नोएडा थाना फेस-3 पुलिस ने गुप्त सूचना और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर एक शातिर अपराधी शंभूनाथ मिश्रा को गिरफ्तार किया है. आरोपी को गढ़ी चौखंडी क्षेत्र से पकड़ा गया है. शंभूनाथ मिश्रा लंबे समय से लोगों को धोखा देने में माहिर था और बड़ी चालाकी से अपने जाल में फंसाता था.

अभियुक्त के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप

शंभूनाथ मिश्रा एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं. उसके बारे में पता चला है कि वह 1 अगस्त 1986 को दिल्ली पुलिस में आरक्षी के रूप में भर्ती हुआ था. लेकिन जांच के दौरान यह सामने आया कि उसके सभी शैक्षणिक और अन्य दस्तावेज फर्जी थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे बर्खास्त कर दिया. इस मामले में थाना मुखर्जी नगर दिल्ली वेस्ट में अभियुक्त के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए थे.

आरोपी अपने आप को रिटायर्ड डिप्टी एसपी बताकर लोगों के बीच नाम और शौहरत बनाने में सफल था. वह नोएडा और एनसीआर के अधिग्रहित क्षेत्रों की जमीनों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचता था. इसके साथ ही वह अपने सहअभियुक्तों के माध्यम से जमीन के असली मालिकों के रूप में अन्य लोगों को दिखाकर पैसे वसूलता था. जब भी मामले में परेशानी आती, तो वह इसे सिविल मामले के रूप में कोर्ट में हल करने का प्रयास करता था.

लोगों को कैसे ठगता था शंभूनाथ?

शंभूनाथ मिश्रा फर्जी दस्तावेज तैयार करने में माहिर था. उसने प्लॉट के विक्रेता के स्थान पर दूसरी महिला को खड़ा किया और रजिस्ट्रेशन पेपर पर फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी की. इस प्रकार वह अपने आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों को ठगता था.

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