रूस की खतरनाक मिसाइलें: RS-28 सरमत और इस्कंदर से परमाणु धमाका अब महज सेकंडों की दूरी पर!  

रूस की अत्याधुनिक मिसाइलें RS-28 सरमत और इस्कंदर ने वैश्विक सुरक्षा को एक नई चुनौती दी है. इन मिसाइलों की तकनीक इनती उन्नत है कि वे परमाणु हमले की महज कुछ सेकंडों में अंजाम दे सकती हैं. RS-28 सरमत, जिसे 'सरमत मिसाइल' कहा जाता है. कहा जाता है, अपने विशाल रेंज और घातक क्षमता से किसी भी परमाणु सुरक्षा प्रणाली को चकमा दे सकती है. वहीं, इस्कंदर मिसाइलों की सटीकता और गति इसे और खतरनाक बना देती है.  

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

इंटरनेशनल न्यूज.  हम सभी जानते हैं कि रूस की मिसाइल क्षमताएं देश की सैन्य ताकत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. रूस की खतरनाक मिसाइलें जैसे RS-28 सरमत, इस्कंदर, RS-24 यार्स, ओनिक्स एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और RSM-56 बुलावा ने दुनिया के सबसे बड़े देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक दुर्जेय राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है. और देश के लिए एक रक्षा कवच भी बनाया है. इन खतरनाक मिसाइलों की विशिष्ट विशेषताएं रूस की सुरक्षा और दुनिया में इसकी रणनीतिक स्थिति को बढ़ाती हैं. यहां रूस की अत्यधिक सक्षम मिसाइलों पर एक नज़र है, जो कथित तौर पर एक पल में पूरे शहर को नष्ट कर सकती हैं.

आरएस-28 सरमत रूसी मिसाइल

RS-28 सरमत को दुनिया भर में सबसे शक्तिशाली परमाणु मिसाइल माना जाता है. इसकी मारक क्षमता 18,000 किलोमीटर है, जो इसे दुनिया में कहीं भी लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम बनाती है. यह मिसाइल 10 से 15 वारहेड से लैस है, जो एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है. इससे इसे असाधारण विनाशकारी क्षमताएं मिलती हैं.

इस्कंदर रूसी मिसाइल प्रणाली

इस्कंदर मिसाइल प्रणाली में कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं जो 480 से 700 किलोग्राम तक वजन वाले वारहेड ले जा सकती हैं. यह प्रणाली परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के वारहेड ले जाने में सक्षम है, जिससे विभिन्न युद्ध स्थितियों में इसकी बहुमुखी प्रतिभा बढ़ जाती है.

आरएस-24 यार्स रूसी मिसाइल

आरएस-24 यार्स एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी मारक क्षमता 10,000 किलोमीटर है. यह एक छोटे शहर को नष्ट करने की क्षमता रखती है और रूस की भूमि-आधारित सामरिक मिसाइल बल का एक प्रमुख घटक है.
 
साझेदारी पर समझौते पर हस्ताक्षर किए 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मास्को में द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक नए व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए. क्रेमलिन वेबसाइट पर प्रकाशित दस्तावेज़ के अनुसार, दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और आतंकवाद विरोधी सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में यह भी कहा गया है कि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ तीसरे पक्ष के प्रतिबंधों को अस्वीकार करेंगे और एकतरफा बलपूर्वक उपायों के इस्तेमाल को रोकेंगे.

पुतिन के हवाले से बताया...

क्रेमलिन ने ईरानी नेता के साथ वार्ता के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन के हवाले से बताया कि इस सचमुच महत्वपूर्ण दस्तावेज का उद्देश्य रूस और ईरान के साथ-साथ हमारे संपूर्ण साझा यूरेशियन क्षेत्र के स्थिर और सतत विकास के लिए परिस्थितियां स्थापित करना है.

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