UPSC टॉप रैंक में 39 रिपीट कैंडिडेट्स...क्या नए उम्मीदवारों की सीटें छीनी गई? जानिए क्या कहता है नियम

आज UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है. यह परिणाम कई सवाल साथ लेकर आया है, क्योंकि टॉप रैंक हासिल करने वाले कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो पहले से ही सिविल सेवा में चुने जा चुके थे.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है. इस बार की टॉप रैंक वाली सूची में एक खास बात सामने आई है. टॉप रैंक हासिल करने वाले कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो पहले से ही सिविल सेवा में चुने जा चुके थे.

इनमें से 39 उम्मीदवारों की रैंक 130 से ऊपर है, यानी वे लगभग निश्चित रूप से आईएएस बनने वाले हैं. ये 39 लोग पिछले सालों (2023 या 2024) की फाइनल लिस्ट में भी शामिल थे.

रैंक सुधार की कोशिश में पुराने चयनित

कई उम्मीदवार पहली बार परीक्षा पास करने पर आईपीएस, आईआरएस या अन्य ग्रुप-ए सेवाओं में चयनित हो जाते हैं, लेकिन वे आईएएस पाने के लिए संतुष्ट नहीं होते. वे अगले साल फिर परीक्षा देते हैं और बेहतर रैंक लाकर आईएएस हासिल करने की कोशिश करते हैं. इसे 'रैंक इम्प्रूवमेंट' कहा जाता है. इस बार के नतीजों में ऐसे ही 39 उम्मीदवारों ने अपनी रैंक सुधारी है. वे अब आईएएस के मजबूत दावेदार बन गए हैं.

उदाहरण के तौर पर, तीसरी रैंक पाने वाले अकांक्ष धुल पिछले दो सालों में भी लिस्ट में थे. 2024 में उन्हें 295वीं और 2023 में 342वीं रैंक मिली थी. इसी तरह इशान आस्था जैन, जीनश्री जसवंत चंद्र और विनीत लोहिदक्षन जैसे कई नाम रिपीट हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस ट्रेंड पर चर्चा कर रहे हैं.

नए नियमों से बदलेगा सीन?

UPSC ने हाल ही में नए नियम बनाए हैं, जो ऐसे रैंक सुधार को सीमित कर रहे हैं. अब अगर कोई उम्मीदवार पहले से आईएएस या आईएफएस में है, तो वह बिना इस्तीफा दिए दोबारा परीक्षा नहीं दे सकता. आईपीएस या अन्य ग्रुप-ए सेवा में चुने गए उम्मीदवार को सिर्फ एक बार रैंक सुधार का मौका मिलेगा. उसके बाद आगे के प्रयास के लिए इस्तीफा जरूरी होगा.

लोगों का कहना है कि इन नियमों से आगे ऐसे मामले कम होंगे. पहले कई बार चयनित अफसर परीक्षा देकर आईएएस पा लेते थे, जिससे नए उम्मीदवारों को सीटें कम मिलती थी. अब यह सिस्टम ज्यादा निष्पक्ष लग रहा है.

ट्रेंड का कारण 

यह ट्रेंड दिखाता है कि UPSC की परीक्षा कितनी कठिन है. कई लोग सालों तक मेहनत करते हैं और बेहतर सेवा पाने के लिए रिस्क लेते हैं, लेकिन नए नियमों से अब नए उम्मीदवारों को ज्यादा मौका मिल सकता है.

UPSC 2025 के परिणाम में कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं के लिए चुना गया है. इनमें से कई पुराने चयनितों की रैंक सुधार से आईएएस बनेंगे.

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