बिहार के युवाओं को PM मोदी का तोहफा, हर माह मिलेंगे 1000 रुपये
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में कौशल और शिक्षा परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिसमें आईटीआई अपग्रेड, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कौशल विश्वविद्यालय शामिल हैं. उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कर्पूरी ठाकुर की विरासत को संरक्षित करने और युवाओं के सशक्तीकरण पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार में कौशल दीक्षांत समारोह के अवसर पर युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के अतीत की तुलना करते हुए राजद के शासनकाल को “कुशासन और उपेक्षित शिक्षा” वाला बताया और नीतीश कुमार नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की उपलब्धियों की जमकर सराहना की. पीएम मोदी ने बिहार के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को प्राथमिकता देने वाली पहलों का विस्तार किया.
प्रधानमंत्री का विपक्ष पर अप्रत्यक्ष कटाक्ष
जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर अप्रत्यक्ष कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि “जननायक” की उपाधि कर्पूरी ठाकुर को जनता ने दी थी और आज कुछ लोग इसे चुराने में लगे हैं. यह टिप्पणी विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इशारा करती दिखी, जिन पर राज्य में जननायक की उपाधि के संदर्भ में दावा किया गया है. मोदी ने युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि एनडीए सरकार बिहार में शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के शिक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं. आईटीआई पटना में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया गया है और एनआईटी पटना का बिहटा कैंपस भी विद्यार्थियों के लिए खोला गया है. इसके अलावा पटना यूनिवर्सिटी, भूपेंद्र मंडल यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में नए एकेडेमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई है.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख
मोदी ने उच्च शिक्षा के खर्च को कम करने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख किया और बताया कि इससे मिलने वाले एजुकेशन लोन को ब्याजमुक्त कर दिया गया है. इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप राशि को 1,800 रुपये से बढ़ाकर 3,600 रुपये कर दिया गया. उन्होंने मुख्यमंत्री निश्चय स्वयंसहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया, जिसमें पांच लाख स्नातकों को दो वर्षों तक प्रति माह 1,000 रुपये दिए जाएंगे.
प्रधानमंत्री ने 60,000 करोड़ रुपये की पीएम-सेतु योजना की शुरुआत का भी उल्लेख किया, जिसके तहत 1,000 से अधिक आईटीआई संस्थानों को हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से अपग्रेड किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आईटीआई केवल औद्योगिक शिक्षा केंद्र नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की कार्यशालाएं हैं, जिनमें युवाओं को भविष्य की स्किल्स के लिए तैयार किया जा रहा है.
कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव, राजीव रंजन वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि कौशल विकास मंत्री जयन्त चौधरी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी. पीएम मोदी ने 34 राज्यों के जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1,200 स्किल लैब का वर्चुअल उद्घाटन भी किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और यह युवाओं के भविष्य और राज्य के विकास का आधार बनेगा.


