पंजाब सरकार की ऐतिहासिक पहल ‘नवी दिशा’ योजना, महिलाओं की सेहत और सम्मान को दी उड़ान

‘नवी दिशा’ योजना का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता के माध्यम से स्वस्थ जीवन देना है. यह पहल इस सोच पर आधारित है कि महिलाओं का स्वास्थ्य कोई विकल्प नहीं, बल्कि सबसे पहली आवश्यकता है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक ऐसा कदम उठाया है, जो समाज में गहरा बदलाव ला रहा है. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नवी दिशा’ अब हर उस महिला की पहचान बन चुकी है जो गरिमा और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना चाहती है. यह पहल इस सोच पर आधारित है कि महिलाओं का स्वास्थ्य कोई विकल्प नहीं, बल्कि सबसे पहली आवश्यकता है.

क्या है ‘नवी दिशा’ योजना का उद्देश्य?

‘नवी दिशा’ योजना का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता के माध्यम से स्वस्थ जीवन देना है. माहवारी एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन स्वच्छता की कमी से पहले महिलाएं कई गंभीर संक्रमणों और बीमारियों की शिकार हो जाती थीं. इस स्थिति को बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक ठोस पहल की. अब पंजाब के 23 जिलों के 27,313 आंगनवाड़ी केंद्रों से हर महीने ज़रूरतमंद महिलाओं और लड़कियों को मुफ़्त में 9 सैनिटरी पैड वितरित किए जा रहे हैं.

इस योजना से अब तक 13 लाख 65 हज़ार से अधिक महिलाएं और किशोरियां जुड़ चुकी हैं. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह पैड पहुंचा रही हैं ताकि कोई भी महिला इस सुविधा से वंचित न रहे. ग्रामीण इलाकों में यह अभियान महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है. एक लाभार्थी, गुरप्रीत कौर ने बताया कि पहले मजबूरी में पुराने कपड़े इस्तेमाल करते थे, जिससे बीमारियां होती थीं. अब हर महीने पैड घर आ जाते हैं, न कोई शर्म, न कोई डर. यह अनुभव आज पंजाब की लाखों महिलाओं की जुबान पर है.

कितनी महिलाओं तक पहुंचे पैड?

सरकार के अनुसार अब तक 3 करोड़ 68 लाख 72 हज़ार से अधिक पैड महिलाओं तक पहुंचाए जा चुके हैं. इस पर लगभग ₹14.04 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. यह राशि सीधे महिलाओं की सेहत और गरिमा को सशक्त बनाने में लगी है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सभी पैड 100% बायोडिग्रेडेबल यानी प्राकृतिक रूप से नष्ट होने योग्य सामग्री से बने हैं. इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान नहीं होता, बल्कि महिलाओं को रासायनिक तत्वों से भी सुरक्षा मिलती है.

‘नवी दिशा’ ने पूरे पंजाब में माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता की नई लहर पैदा की है. अब महिलाएं खुलकर अपनी सेहत और स्वच्छता पर बात कर रही हैं. मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज की नींव होती है. दरअसल, ‘नवी दिशा’ सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मान, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की नई क्रांति है, जिसने पंजाब की महिलाओं के जीवन को सचमुच “नई दिशा” दी है.

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