मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे, भाई उद्धव को दी जन्मदिन की बधाई... बढ़ी नजदीकियां
उद्धव ठाकरे के 65वें जन्मदिन पर उनके चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे सालों बाद मातोश्री पहुंचे. इस मुलाकात ने न सिर्फ पारिवारिक रिश्तों में आई दूरियों को कम किया, बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है. मराठी बनाम हिंदी विवाद के बाद शुरू हुई दोनों नेताओं की एकजुटता अब निजी रिश्तों को भी प्रभावित करती दिख रही है.

Raj Thackeray Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ठाकरे बंधुओं की नजदीकियों की चर्चा जोरों पर है. मराठी बनाम हिंदी विवाद के बाद शुरू हुई दोनों नेताओं की एकजुटता अब निजी रिश्तों को भी प्रभावित करती दिख रही है. रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उद्धव) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मातोश्री पहुंचकर मुलाकात की और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि दोनों परिवारों के बीच पुराने रिश्तों में आई दूरियों को पाटने का संकेत भी दे गई. राज ठाकरे अपनी पत्नी शर्मिला ठाकरे के साथ मातोश्री पहुंचे और उद्धव को लाल गुलाबों का गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी. दोनों नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत हुई और इस दौरान दोनों को एक-दूसरे को गले लगाते भी देखा गया.
Mumbai | MNS chief Raj Thackeray met Shiv Sena UBT leader Uddhav Thackeray at Matoshree today and extended birthday wishes to Uddhav Thackeray
(Source: Shiv Sena-UBT) pic.twitter.com/jLtrNBAsf1— ANI (@ANI) July 27, 2025
मातोश्री में मनाया जा रहा 65वां जन्मदिन
रविवार को उद्धव ठाकरे का 65वां जन्मदिन मातोश्री निवास पर धूमधाम से मनाया गया. इस खास मौके पर न सिर्फ शिवसेना (उद्धव) के नेता मौजूद रहे, बल्कि MNS नेता नितिन सरदेसाई भी राज ठाकरे के साथ पहुंचे. इस कार्यक्रम में संजय राउत, अनिल परब और अंबादास दानवे जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए.
यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि राज ठाकरे पिछले 12 वर्षों से मातोश्री नहीं आए थे. आखिरी बार वे साल 2012 में बालासाहेब ठाकरे के निधन के समय यहां पहुंचे थे. इसके बाद केवल कुछ निजी मौकों पर ही उन्होंने मातोश्री का रुख किया, जैसे कि उद्धव ठाकरे की हार्ट सर्जरी के समय और अपने बेटे अमित ठाकरे की शादी का निमंत्रण देने.
जुलाई में भी साझा मंच पर दिखे थे ठाकरे बंधु
यह मुलाकात एक महीने के भीतर दोनों नेताओं की दूसरी भेंट है. इससे पहले 5 जुलाई को राज और उद्धव ठाकरे एक साझा मंच पर एक रैली में नजर आए थे. उस वक्त भी दोनों के बीच की कैमिस्ट्री ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा दी थी कि क्या ठाकरे परिवार फिर से एकजुट हो रहा है.


