पिता लालू को किडनी देने की बात झूठ... फैल रही अफवाहों पर रोहिणी आचार्य बोली- साबित करें तो मैं राजनीतिक जीवन छोड़ दूंगी
Rohini Acharya Controversy : रोहिणी आचार्य ने किडनी दान को लेकर खुद पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए चुनौती दी है कि यदि कोई लाभ लेने का प्रमाण दे, तो वह सार्वजनिक जीवन छोड़ देंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में कोई उद्देश्य नहीं है और वे केवल पारिवारिक सम्मान और अपने पिता की सेवा में समर्पित हैं. उन्होंने ट्रोल्स और अफवाह फैलाने वालों से माफी की मांग की है.

Rohini Acharya Controversy : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक साहसिक और स्पष्ट फेसबुक पोस्ट के जरिए उन सभी लोगों को चुनौती दी है जो उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने अपने पिता को किडनी दान करने के बदले किसी प्रकार की राजनैतिक या व्यक्तिगत मांग की है, तो वह तुरंत सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लेंगी. उन्होंने ट्रोल्स, झूठ फैलाने वाले मीडिया वर्ग और उनके चरित्र पर सवाल उठाने वालों से माफी की मांग की है. रोहिणी ने यह भी कहा कि अगर किसी के पास सबूत नहीं है, तो उन्हें न केवल उनसे बल्कि देश की हर बेटी, बहन और माँ से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करनी चाहिए.
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बेटी, बहन और मां के रूप में निभा रही जिम्मेदारी
रोहिणी आचार्य ने अपने हालिया बयान में स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में आने या किसी पद की मांग करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने न कभी राज्यसभा सीट की मांग की, न विधानसभा टिकट की और न ही किसी उम्मीदवार को समर्थन देने की कोशिश की. उनका कहना है कि वे केवल एक बेटी, बहन और मां के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही हैं और उन्हें अपने स्वाभिमान, माता-पिता के प्रति समर्पण और पारिवारिक मूल्यों पर गर्व है. उनका जोर इस बात पर है कि किसी के भी चरित्र हनन की राजनीति न केवल अनैतिक है, बल्कि सामाजिक रूप से भी नुकसानदेह है.
किसी से व्यक्तिगत और राजनीतिक विरोध नहीं
इन बयानों के साथ ही कुछ घटनाएं भी चर्चा में आ गईं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और भाई तेजस्वी यादव को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया. इसके चलते राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि परिवार में आंतरिक मतभेद उभर रहे हैं. हालांकि, रोहिणी ने स्पष्ट किया कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक विरोध नहीं है और वे पार्टी या सरकार में किसी पद की इच्छुक नहीं हैं. उनका मुख्य उद्देश्य केवल सच्चाई और पारिवारिक एकता को बनाए रखना है.
तेज प्रताप यादव का समर्थन
रोहिणी के इस भावनात्मक और साहसी रुख को उनके भाई तेज प्रताप यादव का समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि एक बहन, जिसने अपने पिता के लिए जीवन का जोखिम उठाया, उसके दर्द को समझा जाना चाहिए. तेज प्रताप ने यह भी जोड़ा कि वे रोहिणी के सम्मान के साथ हैं और हर उस प्रयास का विरोध करेंगे जो उनके चरित्र या त्याग को नीचा दिखाने की कोशिश करे.


