महागठबंधन की छठी बैठक आज, क्या तेजस्वी यादव होंगे बिहार के CM फेस?
सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा महागठबंधन मीटिंग में मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है. साथ ही, सीट बंटवारे को लेकर भी कोई ठोस फॉर्मूला भी तय किया जा सकता है.

Mahagathbandhan Meeting: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में हलचल तेज होती जा रही है. आज यानी बुधवार, 30 जुलाई को महागठबंधन के सभी प्रमुख नेता पटना में एक अहम बैठक के लिए जुटने वाले हैं. यह बैठक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर दोपहर 1 बजे से शुरू होगी. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सीट बंटवारे के फॉर्मूले के साथ-साथ मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर भी कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है.
इस बैठक को महागठबंधन की एकजुटता और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं, इस बीच विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के अध्यक्ष मुकेश सहनी के हालिया बयान ने महागठबंधन की बातचीत को और पेचीदा बना दिया है.
क्या तेजस्वी को मिल सकता है CM चेहरा
राजद की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पहले ही प्रोजेक्ट किया जा चुका है. वामदलों को तेजस्वी पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है. कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पद का फैसला चुनाव के बाद होगा.
मुकेश सहनी का मांग
महागठबंधन की बैठक से ठीक पहले वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी ने बड़ा बयान देकर सीट बंटवारे की चर्चाओं को गरमा दिया है. उन्होंने कहा, 'हम पहले ही 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि महागठबंधन की सरकार बनने पर वीआईपी का उपमुख्यमंत्री होगा. यह कोई नई मांग नहीं है.'सहनी के इस रुख से महागठबंधन के अंदर समन्वय बैठाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
मुकेश सहनी ने समिति पर जताया भरोसा
मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि महागठबंधन में समन्वय समिति का गठन हो चुका है और सभी दल आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने में जुटे हैं. उन्होंने कहा, 'बहुत जल्द सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो जाएगा कि कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी.'
चुनावी तैयारियों पर भी होगी समीक्षा
बैठक में बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, चुनावी रणनीतियों और गठबंधन की मजबूती पर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है. बैठक का उद्देश्य सभी घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना है.


