बिहार में खत्म हुआ स्पीकर पद का सस्पेंस! इस सीनियर लीडर को BJP दे सकती है जिम्मेदारी...कैबिनेट विस्तार पर दिल्ली में मंथन जारी

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा स्पीकर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को नया स्पीकर बनाया जा सकता है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने उनके समर्थन का ऐलान किया. बीजेपी और सहयोगी दल मंत्रिमंडल विस्तार और महत्वपूर्ण विभागों के बंटवारे पर भी चर्चा कर रहे हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पटना : बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा अध्यक्ष यानी स्पीकर पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सूत्रों की मानें तो बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान मंत्री प्रेम कुमार को विधानसभा का नया स्पीकर बनाया जा सकता है. सोमवार को प्रेम कुमार डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के आवास पर पहुंचे, जिससे अटकलें और मजबूत हो गईं. खुद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने प्रेम कुमार के नाम का समर्थन किया और कहा कि प्रेम कुमार सदन को कुशलता से चलाने में सक्षम हैं.

स्पीकर पद पर BJP और JDU दोनों की नजर थी 

सूत्रों का कहना है कि स्पीकर पद पर पहले से ही बीजेपी और JDU दोनों की नजर थी, लेकिन अब यह माना जा रहा है कि बीजेपी यह पद अपने पास रखना चाहती है. इसके अलावा पार्टी सरकार के महत्वपूर्ण विभागों पर भी दावेदारी मजबूत कर रही है. चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से बातचीत का जिम्मा केंद्रीय नेता धर्मेंद्र प्रधान संभाल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार इन तीनों सहयोगी दलों के साथ सरकार गठन को लेकर सहमति बन चुकी है. प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान दिल्ली से पटना आए हैं ताकि विभाग और मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम चर्चा की जा सके.

दिल्ली में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मंथन
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में सियासी हलचल तेज है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और संजय झा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की. यह मुलाकात बिहार में मंत्रिमंडल के बंटवारे और विभागों के अंतिम स्वरूप को लेकर मानी जा रही है. इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और 'हम' विधायक दल के नेता प्रफुल्ल कुमार मांझी ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की. इन मुलाकातों से संकेत मिलता है कि जल्द ही बिहार में मंत्रिमंडल पर मुहर लग सकती है.

महत्वपूर्ण विभागों को लेकर मंंथन जारी 
हालांकि, स्पीकर पद और महत्वपूर्ण विभागों के बंटवारे को लेकर शीर्ष नेतृत्व में मंथन जारी है. सभी सहयोगी दलों की राय और सत्ता संतुलन को देखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा. पार्टी नेतृत्व की रणनीति यही है कि स्पीकर पद पर वरिष्ठता, अनुभव और राजनीतिक संतुलन का ध्यान रखा जाए. प्रेम कुमार के नाम पर सहमति बनने से सरकार की स्थिरता और सदन संचालन में संतुलन बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है.

इस पूरी सियासी प्रक्रिया से साफ है कि बिहार में नई सरकार का मंत्रिमंडल और विधानसभा अध्यक्ष के चयन को लेकर बीजेपी और सहयोगी दल सक्रियता से काम कर रहे हैं. राजनीतिक समीकरणों और अनुभव को ध्यान में रखते हुए निर्णय अगले कुछ दिनों में सामने आने की संभावना है.

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