71 साल की उम्र में सीए बने ताराचंद अग्रवाल, दृढ़ निश्चय और गीता से मिली प्रेरणा

जयपुर निवासी 71 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक ताराचंद अग्रवाल ने हाल ही में चार्टर्ड अकाउंटेंट की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर सबको चौंका दिया. इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

जयपुर निवासी 71 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक ताराचंद अग्रवाल ने हाल ही में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर सबको चौंका दिया. यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है जो इस परीक्षा को चुनौतीपूर्ण मानते हैं.

संगरिया से की प्रारंभिक शिक्षा 

हनुमानगढ़ के संगरिया गांव में एक किसान-व्यापारी परिवार में जन्मे ताराचंद आठ भाई-बहनों में चौथे स्थान पर थे. उन्होंने संगरिया से ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की. वर्ष 1974 में दर्शना से विवाह करने के बाद 1976 में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (अब एसबीआई) में क्लर्क के रूप में कार्य शुरू किया. 38 वर्षों की सेवा के बाद वे 2014 में सहायक महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए.

2020 में पत्नी के निधन के बाद उन्हें जीवन में खालीपन महसूस होने लगा. परिवार साथ था, लेकिन एक उद्देश्य की कमी महसूस हो रही थी. बच्चों की सलाह पर उन्होंने भगवद्गीता पढ़नी शुरू की, जिससे उनमें सीखने का उत्साह फिर से जाग उठा. जब उन्होंने पीएचडी करने का विचार जताया, तो बच्चों ने उन्हें सीए जैसी चुनौती लेने को प्रेरित किया. पोती ने उन्हें कहा कि अगर आप मुझे गाइड कर सकते हैं, तो खुद क्यों नहीं कर सकते? इससे प्रेरित होकर उन्होंने जुलाई 2021 में सीए की तैयारी शुरू की.

गीता के उपदेश को दिया सफलता का श्रेय

उन्होंने 2022 में फाउंडेशन, 2023 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास की और 2024 में दूसरी बार में अंतिम परीक्षा में सफलता पाई. वे प्रतिदिन 10 घंटे तक पढ़ते, कंधे के दर्द के बावजूद घंटों लिखते और यूट्यूब व किताबों से पढ़ाई करते. उनके बेटे ललित दिल्ली में सीए हैं और छोटा बेटा अमित टैक्स प्रैक्टिस करता है. दोनों ने हर कदम पर उनका साथ दिया. ताराचंद अपनी सफलता का श्रेय गीता के उपदेश को देते हैं. "जो काम हाथ में लो, उसे दृढ़ता से करो." यही मंत्र उन्होंने जीवन भर अपनाया.

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