तेजस्वी, नितिन नवीन से लेकर खड़गे तक...भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की उम्र, एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट
भारतीय राजनीति में नेतृत्व का नया दौर शुरू होता दिख रहा है. बीजेपी ने 45 वर्षीय नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने 36 वर्षीय तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. युवा नेतृत्व को आगे लाने का यह कदम देश की युवा आबादी से जुड़ने की रणनीति माना जा रहा है.

नई दिल्ली : देश की राजनीति में नेतृत्व के स्तर पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. हाल ही में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे प्रमुख दलों ने अपने शीर्ष पदों पर अपेक्षाकृत युवा नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है. इसे भारतीय राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव और युवाओं को आगे लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
BJP को मिला युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
राजद की कमान अब तेजस्वी यादव के हाथ
इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल ने भी बड़ा फैसला लेते हुए तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. 9 नवंबर 1989 को जन्मे तेजस्वी यादव मात्र 36 वर्ष की उम्र में इस जिम्मेदारी तक पहुंचे हैं. इसके साथ ही वे देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के सबसे युवा अध्यक्षों में शामिल हो गए हैं. राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें उनकी बड़ी बहन और पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती भी मौजूद थीं.
65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की
भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है. ऐसे में बड़े राजनीतिक दलों द्वारा युवाओं को नेतृत्व सौंपना एक मजबूत राजनीतिक संदेश देता है. यह संकेत देता है कि पार्टियां आने वाले समय में युवा मतदाताओं से जुड़ने और उनकी अपेक्षाओं को समझने की कोशिश कर रही हैं. तेजस्वी यादव इससे पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं.
चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की कोशिश
हालांकि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को भाजपा और जदयू गठबंधन के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था और पार्टी महज 25 सीटों पर सिमट गई थी. इसके बाद संगठन में बदलाव की मांग तेज हुई. तेजस्वी यादव ने बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी को मजबूत करने और नए सिरे से खड़ा करने के संकेत दिए हैं.
RJD ने तेज प्रताप को घर और पार्टी से किया बाहर
राजद के भीतर पारिवारिक और संगठनात्मक मतभेद भी चर्चा में रहे हैं. तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने पार्टी के कुछ करीबी नेताओं और राज्यसभा सांसद संजय यादव को लेकर सवाल उठाए थे. वहीं तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव को पिछले वर्ष पार्टी से बाहर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अलग पार्टी बनाकर विधानसभा चुनाव भी लड़ा.
वरिष्ठ नेताओं के बीच युवा नेतृत्व की तुलना
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे 83 वर्ष की उम्र में पार्टी की कमान संभाल रहे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल की उम्र 57 वर्ष है, वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मायावती 70 वर्ष की हैं. समाजवादी पार्टी (SP) के अखिलेश यादव 52 वर्ष के हैं और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ममता बनर्जी 71 वर्ष की हैं. यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में युवा और वरिष्ठ नेतृत्व का मिश्रण दर्शाता है और स्पष्ट करता है कि कई पार्टियों में युवा नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं.
क्षेत्रीय दलों के नेता
भारत के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नेतृत्व में भी उम्र और अनुभव का व्यापक मिश्रण देखने को मिलता है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार 85 वर्ष के वरिष्ठ नेता हैं, जबकि शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे 65 वर्ष के हैं. जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर 48 वर्ष के युवा नेता के रूप में सक्रिय हैं. वहीं अकाली दल (SAD) के सुखबीर सिंह बादल की उम्र 63 वर्ष है.
दक्षिण भारत के दल...
दक्षिण भारत के राजनीतिक दलों में भी वरिष्ठ नेतृत्व की प्रधानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के एमके स्टालिन 72 वर्ष के हैं और पार्टी का संचालन कर रहे हैं. जनता दल सेक्युलर (JDS) के एचडी देवेगौड़ा 92 वर्ष की उम्र में सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. भारत राष्ट्र समिति (BRS) के चंद्रशेखर राव 71 वर्ष के हैं, जबकि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के चंद्रबाबू नायडू 75 वर्ष के हैं.
राजनीति की दिशा तय करेगा युवा नेतृत्व
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति की दिशा और दशा तय करने में युवा नेताओं की भूमिका निर्णायक होगी. चाहे वह भाजपा में नितिन नवीन हों या राजद में तेजस्वी यादव, दोनों के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ जनता का भरोसा जीतने की बड़ी चुनौती है. यह बदलाव भारतीय राजनीति को नई सोच और नई ऊर्जा की ओर ले जाने का संकेत देता है.


