डीएमके की जीत का रास्ता रोकेगी टीवीके? तमिलनाडु में विजय ने दिया अकेले लड़ने का संकेत

तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय ने 2026 विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने डीएमके और एआईएडीएमके पर निशाना साधा, लोकतंत्र की रक्षा का संदेश दिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को साहस और दृढ़ता के लिए प्रेरित किया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

चेन्नईः तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के प्रमुख और अभिनेता से नेता बने विजय ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है. महाबलीपुरम में रविवार को आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव अकेले लड़ेगी. विजय ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) और विपक्षी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (एआईएडीएमके) पर भी निशाना साधा. उन्होंने 2026 के चुनाव को तमिलनाडु के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक लड़ाई बताया.

सत्ता और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष

विजय ने रैली में कहा कि उनकी पार्टी राज्य में स्थापित सत्ता और भ्रष्ट ताकतों के खिलाफ खड़ी है. किसी का नाम लिए बिना उन्होंने डीएमके को वर्तमान की "बुरी ताकत" और एआईएडीएमके को "भ्रष्ट ताकत" बताया. विजय ने जोर देकर कहा कि टीवीके जनता की रक्षा करना चाहती है और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि यह केवल चुनाव नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है. जनता ही सेनापति है जो इस लड़ाई का नेतृत्व करेगी. चाहे वह दुष्ट शक्ति हो या भ्रष्ट शक्ति, तमिलनाडु पर उनका शासन नहीं होना चाहिए. केवल टीवीके ही इस चुनौती का साहसिक और निडर विरोध कर सकती है.

राजनीति में किसी से समझौता नहीं

अपने संबोधन में विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी अन्य राजनीतिक दल के साथ समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि टीवीके को किसी भी रूप में कोई वित्तीय लाभ नहीं चाहिए और वे अपने सिद्धांतों पर कायम हैं. इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि डीएमके ने भाजपा के सामने अप्रत्यक्ष रूप से आत्मसमर्पण किया है, जबकि एआईएडीएमके भाजपा के शासनकाल के दौरान उसकी "गुलाम" रही है.

लोकतंत्र की रक्षा का संदेश

विजय ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क रहें और हर वोट की सुरक्षा करें. उन्होंने कहा कि टीवीके अकेले चुनाव लड़कर भी जीत सकती है और इसे कम नहीं आंका जाना चाहिए. रैली में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को अग्रणी योद्धा और कमांडर बताया और उन्हें चुनावी मैदान में साहस दिखाने के लिए प्रेरित किया.

एक दिन में सबकुछ बदलना संभव नहीं

विजय ने कहा कि लोकतंत्र में बदलाव अचानक नहीं आता. उन्होंने फिल्म 'मुधलवन' का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल एक दिन में सबकुछ बदलना संभव नहीं है. उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी रानी वेलू नाचियार की विरासत का जिक्र करते हुए बताया कि परिवर्तन समय और सही प्रक्रिया से आता है.

किन-किन राज्यों में होंगे चुनाव?

वहीं, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव इसी वर्ष मार्च या अप्रैल में होने की संभावना है. तमिलनाडु में टीवीके की राजनीतिक सक्रियता और विजय के स्पष्ट संदेश से राज्य का चुनावी परिदृश्य और भी रोमांचक हो गया है.

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