तेजस्वी यादव को मिलेगा RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद, कार्यकारिणी बैठक में होगा फैसला
पटना में हो रही आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है. चुनावी हार के बाद पार्टी नेतृत्व, संगठन और अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अहम फैसले ले सकती है.

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की पटना में रविवार को हो रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में तेजस्वी प्रसाद यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किए जाने की प्रबल संभावना है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि इसमें संगठन और भविष्य की राजनीति से जुड़े कई बड़े और निर्णायक फैसले लिए जा सकते हैं.
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों के चलते धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति से दूरी बना रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि वह पार्टी की जिम्मेदारी अब अपने बेटे तेजस्वी यादव को सौंपने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं. अगर तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह आरजेडी में नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक अहम संकेत होगा.
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू
राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को शुरू हो चुकी है. इस बैठक का उद्घाटन खुद लालू प्रसाद यादव कर रहे हैं. बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, पार्टी की आगे की रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.
इसमें 20 से अधिक राज्यों के अध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, विधायक, विधान परिषद सदस्य और सांसद शामिल हो रहे हैं. हालांकि बैठक से ठीक पहले पार्टी के भीतर हलचल उस वक्त बढ़ गई, जब तेजस्वी यादव की बहन और लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पार्टी के नेतृत्व और मौजूदा हालात पर सवाल खड़े कर दिए.
चुनावी हार के बाद पहली बड़ी बैठक
यह बैठक विधानसभा चुनाव के बाद आरजेडी की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक मानी जा रही है. चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी आत्ममंथन के दौर से गुजर रही है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में चुनावी समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर करीब 300 पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार हो सकता है.
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने तेजस्वी यादव को यह रिपोर्ट सौंप दी है. साथ ही प्रदेश अध्यक्ष और प्रधान महासचिव जैसे अहम पदों पर भी बदलाव या नियुक्ति को लेकर फैसला होने की संभावना है.
चुनाव के बाद पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे तेजस्वी
नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव शनिवार को पहली बार पार्टी कार्यालय पहुंचे थे. यह कदम भी पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. बैठक के जरिए वह संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश में जुटे नजर आ रहे हैं.
नीतीश सरकार पर तेजस्वी का हमला
हालांकि तेजस्वी यादव ने पहले कहा था कि नई सरकार बनने के बाद वह 100 दिनों तक चुप रहेंगे, लेकिन उन्होंने इस वादे को ज्यादा समय तक नहीं निभाया. बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला.
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अपराध पर नियंत्रण के बजाय बीजेपी नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि उनके विदेश यात्रा से लौटने के बाद बिहार में अपराध बढ़ गया है. इस बयान पर जेडीयू के प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी कही बात पर कायम नहीं रह सकता, वह राजनीति पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार भी खो देता है.


