कौन थीं कथावाचक साध्वी प्रेम बाइसा? एक वायरल वीडियो ने कैसे खड़ा किया हंगामा, इन सवालों में उलझी डेथ मिस्ट्री
प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. डॉक्टरों ने ब्रेन डेड बताकर उन्हें मृत घोषित किया, हालांकि मौत के दौरान हुई हलचल ने एक अलग ही मोड़ दे दिया है.

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की 28 जनवरी 2026 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनकी उम्र करीब 25-34 वर्ष बताई जा रही है. आश्रम से उन्हें गंभीर हालत में प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन डेड बताकर मृत घोषित कर दिया.
शव को बिना सूचना आश्रम ले जाया गया, जिससे विवाद बढ़ा. पुलिस ने मामला संदिग्ध मानकर जांच शुरू की है और पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा है.
साध्वी प्रेम बाईसा कौन थीं?
साध्वी प्रेम बाईसा पश्चिमी राजस्थान में भजन गायन और रामायण-महाभारत की कथा वाचन के लिए बहुत लोकप्रिय थीं. वे बाल साध्वी के रूप में जानी जाती थीं. उनके गुरु और पिता महंत वीरमनाथ कुटीर आश्रम में रहते थे.
साध्वी ने अपना जीवन सनातन धर्म प्रचार, नैतिकता, परिवारिक मूल्यों और समाज सुधार को समर्पित किया था. उनके कथा सत्रों में बड़ी भीड़ जुटती थी. वे भक्ति और सेवा की मिसाल थीं.
क्या था वीडियो वाला कांड?
जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर करीब 3-4 साल पुराना वीडियो वायरल हुआ. इसमें साध्वी एक व्यक्ति से गले लगती दिख रही थीं. एक महिला कंबल लेकर आती है और साध्वी भावुक होकर गले लगती हैं. वीडियो को एडिट करके गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे चरित्र पर सवाल उठे और अश्लील बताकर आलोचना हुई. साध्वी ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति उनके पिता महंत वीरमनाथ थे. लंबे समय बाद मिलने पर भावुकता में गले लगीं, कमरे में अन्य लोग भी मौजूद थे.
उन्होंने इसे साजिश और बदनामी की कोशिश बताया. साध्वी ने बड़े संतों और शंकराचार्य को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा देने की गुहार लगाई. उन्होंने बोरानाडा थाने में शिकायत की कि वीडियो वायरल करने से पहले ब्लैकमेल कर 20 लाख रुपये मांगे गए. पैसे देने से मना करने पर वीडियो वायरल किया गया. इस विवाद से वे मानसिक तनाव में थीं.
कैसे हुई मौत और क्या है रहस्य?
28 जनवरी को साध्वी को बुखार था. आश्रम में कंपाउंडर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया. पिता के अनुसार इंजेक्शन के कुछ मिनट बाद ही हालत बिगड़ी और बेहोश हो गईं. अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित किया गया. मौत के करीब 4 घंटे बाद (शाम 5:30 बजे मौत, रात 9:30 बजे) उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक लंबी पोस्ट आई. इसमें सनातन धर्म के प्रति समर्पण, अंतिम श्वास तक भक्ति, अग्नि परीक्षा की गुहार और 'जीते जी नहीं तो जाने के बाद न्याय मिलेगा' लिखा था.
यह पोस्ट सुसाइड नोट जैसी लगी, जिससे सवाल उठे कि मौत के बाद किसने यह पोस्ट किया? अकाउंट हैक हुआ या कोई और? पुलिस सोशल मीडिया, इंजेक्शन और ब्लैकमेल की जांच कर रही है. कुछ लोग तनाव से मौत मानते हैं, जबकि पिता इंजेक्शन को कारण बता रहे हैं. राजनीतिक नेता हनुमान बेनीवाल ने CBI जांच की मांग की है.


