AzadiKaAmritMahotsav: आजादी के बाद भारत की पहली मोबाइल कॉल का इतना था खर्च

भारत देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसको लेकर पूरा देश तिरंगामय हो चुका है। सरकारी-प्राइवेट दफ्तर, स्कूल, कॉलेज से लेकर घर-घर पर तिरंगा लगाया जा रहा है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने हर घर तिरंग अभियान भी चलाया हुआ है।

Vishal Rana
Edited By: Vishal Rana

भारत देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसको लेकर पूरा देश तिरंगामय हो चुका है। सरकारी-प्राइवेट दफ्तर, स्कूल, कॉलेज से लेकर घर-घर पर तिरंगा लगाया जा रहा है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने हर घर तिरंग अभियान भी चलाया हुआ है। इन 75 सालों में भारत में काफी कुछ बदलाव हो चुके है। भारत ने हर एक क्षेत्र में एक से बढ़कर एक उपलब्धि हासिल की है। फिर चाहे वह तकनीक ही क्यों न हो। तकनीक में तो भारत आज बेहद आगे पहुंच गया है।

क्या आप जानते है कि आजादी के बाद भारत में पहली मोबाईल कॉल किस दिन की गई थी और इसका खर्च कितना था। चलिए आज हम आपको बताते है कि भारत में आजादी के बाद पहली कॉल का खर्च कितना था। साल 1995 में 31 जुलाई को आजादी के बाद भारत की पहली कॉल की गई थी। बता दे, यह कॉल पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने यूनियन कम्युनिकेशन मिनिस्टर सुखराम को मिलाई थी। यह पल के लिए बेहद खास पल था। जब किसी भारतीय ने आजादी के बाद पहली बार कॉल पर बात की थी।

कितना था इस कॉल का एक मिनट का खर्च

आज के समय में हम सब कॉल के लिए अनलिमिटेड पैक यूज करते है। जिसके द्वारा हम नेट चला सकते है और अनलिमिटेड कॉल कर सकते है। लेकिन उस वक्त ये सब नहीं था जब पहली मोबाईल कॉल की गई थी। उस वक्त एक मिनट की कॉल के लिए 8.4 रुपये खर्च था।

उस समय के हिसाब से यह बहुत बड़ी रकम थी। हर कोई व्यक्ति एक मिनट की कॉल के लिए इतने पैसे खर्च नहीं कर सकता था। ज्यादातर व्यक्ति उस समय लैंडलाइन मोबाइल का प्रयोग करते थे। आजादी के बाद भारत की यह पहली कॉल नेकिया फोन से की गई थी।

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