डेलॉयट इंडिया के पूर्व बॉस पीआर रमेश वर्स इनोवेशन के बोर्ड में हुए शामिल, हाथ में ली ऑडिट की कमान

वर्स इनोवेशन कंपनी घोषणा कर बताया कि डेलॉयट इंडिया के पूर्व अध्यक्ष पीआर रमेश अब कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हो गए हैं.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: बेंगलुरु स्थित कंपनी वर्स इनोवेशन ने मंगलवार को घोषणा की कि डेलॉयट इंडिया के पूर्व अध्यक्ष पीआर रमेश अब कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हो गए हैं. वर्स इनोवेशन डेलीहंट और जोश ऐप की मूल कंपनी है. रमेश बोर्ड की ऑडिट समिति की अध्यक्षता भी करेंगे.

रमेश की नई जिम्मेदारियां

कंपनी के अनुसार, पीआर रमेश वित्तीय रिपोर्टिंग की सत्यनिष्ठा, आंतरिक नियंत्रण, जोखिम प्रबंधन, नियामक अनुपालन और ऑडिट प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे। रमेश वर्तमान में एयर इंडिया, सिप्ला, नेस्ले इंडिया और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कई बड़ी कंपनियों के बोर्ड से जुड़े हैं या रह चुके हैं.

पिछली कमियों के बाद महत्वपूर्ण कदम

यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लगभग एक साल पहले डेलॉयट ने कंपनी के वित्त वर्ष 2024 के आंतरिक नियंत्रणों में कुछ महत्वपूर्ण कमियां बताई थी. इन कमियों से परिचालन व्यय, व्यापार देयता और खाता शेष में गलत बयानी हो सकती थी. हालांकि, डेलॉयट ने स्पष्ट किया था कि इन कमियों का कंपनी के समेकित वित्तीय विवरणों पर कोई असर नहीं पड़ा. 

पीआर रमेश का बयान

पीआर रमेश ने कहा, “वर्स इनोवेशन ने भारत के डिजिटल क्षेत्र में बहुत बड़ा कारोबार खड़ा किया है. इस बड़े पैमाने के साथ मजबूत शासन व्यवस्था, वित्तीय नियंत्रण और जोखिम निगरानी भी जरूरी है. मजबूत संस्थान सिर्फ नवाचार से नहीं, बल्कि अनुशासन और जवाबदेही से बनते हैं. मैं बोर्ड और प्रबंधन टीम के साथ मिलकर इन सिद्धांतों को और मजबूत बनाने में मदद करूंगा.”

कंपनी की पृष्ठभूमि

वर्स इनोवेशन ने अब तक 2 अरब डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है. कंपनी को कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी), ओंटारियो टीचर्स पेंशन फंड, जेम्स मर्डोक की लूपा सिस्टम्स और जेड47 जैसी संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है. वर्ष 2022 में कंपनी का मूल्यांकन करीब 5 अरब डॉलर पहुंच गया था.

संस्थापक का बयान

वर्स इनोवेशन के सह-संस्थापक उमंग बेदी ने कहा, “मजबूत शासन और वित्तीय अनुशासन ऐसी कंपनी बनाने के लिए जरूरी हैं जो लंबे समय तक टिके. रमेश का अनुभव हमारे शासन मानकों को और मजबूत करेगा तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा.” यह नियुक्ति कंपनी के सतत और जिम्मेदार विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. 

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