मौत के बाद भी सिद्धू मूसेवाला 8 देशों में करेंगे वर्ल्ड टूर! होलोग्राम के जरिए होगा लाइव कॉन्सर्ट

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद फैंस उन्हें और उनके स्टेज शो को याद कर रहे हैं. ऐसे में टेक्नोलॉजी के जरिए भारत समेत कई देशों में उनका लाइव स्टेज शो देखने को मिलने वाला है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: पंजाबी संगीत जगत के सुपरस्टार सिद्धू मूसेवाला ( शुभदीप सिंह) की 29 मई 2022 को पंजाब में हत्या कर दी गई थी. उनकी मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया, लेकिन उनकी गाने और आवाज आज भी लाखों दिलों में जिंदा है.

अब टेक्नोलॉजी की मदद से उनके फैंस को फिर से स्टेज पर देखने का मौका मिल रहा है. 'Signed to God World Tour' नाम से उनका होलोग्राम बेस्ड वर्ल्ड टूर 2026 में शुरू होने जा रहा है. यह पहला ऐसा बड़ा टूर है जहां सिद्धू का 3D होलोग्राम लाइव परफॉर्म करेगा.

टीजर ने मचाया हड़कंप

सिद्धू के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से जारी टीजर वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. वेबसाइट signedtogod.world पर बताया गया है कि यह टूर भारत, कनाडा, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई और पाकिस्तान जैसे 8 देशों में होगा.

हर शो में उनके ओरिजिनल गाने, आवाज और एनर्जी को 3D होलोग्राफिक प्रोजेक्शन, सिनेमैटिक विजुअल्स और स्टेज इफेक्ट्स के साथ पेश किया जाएगा. फैंस को ऐसा लगेगा जैसे सिद्धू सच में स्टेज पर हैं.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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होलोग्राम टेक्नोलॉजी से पहले भी हुए कई शो

यह कोई नई बात नहीं है. होलोग्राम टेक्नोलॉजी से पहले कई बड़े कलाकारों के 'लाइव' शो हो चुके हैं. जैसे:टुपैक शकूर का 2012 का कोचेला फेस्टिवल परफॉर्मेंस, व्हिटनी ह्यूस्टन, माइकल जैक्सन और रॉय ऑर्बिसन के होलोग्राम कॉन्सर्ट. इन सबमें पुरानी फुटेज और आधुनिक टेक का कमाल दिखा. सिद्धू का यह टूर भी उनकी विरासत को जिंदा रखने का एक भावुक प्रयास है.

कैसे काम करती है होलोग्राम टेक्नोलॉजी?

होलोग्राम एक 3D इमेज बनाती है जो हवा में तैरती दिखती है. इसमें कई स्टेप्स होते हैं: 

  • आर्काइव फुटेज और मोशन कैप्चर: कलाकार की पुरानी वीडियो, फोटो और मूवमेंट को कैप्चर किया जाता है.
  • CGI और 3D मॉडलिंग: कंप्यूटर से रियल-साइज 3D इमेज तैयार की जाती है.
  • Pepper's Ghost इल्यूजन: यह क्लासिक तकनीक है. इसमें पारदर्शी स्क्रीन और स्पेशल लाइटिंग का इस्तेमाल होता है. लाइट रिफ्लेक्ट होकर स्टेज पर 3D फिगर बनाती है.
  • लाइटिंग, साउंड और सिंक: लेजर लाइट, स्पैटियल ऑडियो और सिंक्रोनाइज्ड इफेक्ट्स से पूरा माहौल कॉन्सर्ट जैसा बन जाता है.

लेजर बीम को दो हिस्सों में बांटा जाता है एक रेफरेंस बीम और दूसरी ऑब्जेक्ट बीम. ये दोनों मिलकर इंटरफेयरेंस पैटर्न बनाते हैं, जिसे रिकॉर्ड कर लिया जाता है. बाद में इसी पैटर्न को लाइट से दोबारा प्ले करके 3D इमेज दिखाई जाती है. 

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