Siri अब बनेगी Gemini से सुपर स्मार्ट, गूगल- ऐपल की साजिश पर एलन मस्क का फूटा गुस्सा

ऐपल और गूगल ने AI को लेकर हाथ मिला लिया है. अब Apple Intelligence को Google के दमदार Gemini AI और उसके शानदार क्लाउड पावर का सपोर्ट मिलेगा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. लंबे समय से एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले ऐप्पल और गूगल ने अब हाथ मिला लिया है. दोनों कंपनियों के बीच हुआ यह लॉन्ग टर्म कोलैबोरेशन एप्पल डिवाइस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को एक नया आकार देने जा रहा है.

इस साझेदारी के तहत एप्पल अपने आने वाले फाउंडेशन AI मॉडल्स को गूगल के जेमिनाई एआई मॉडल और उसके क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के सहारे विकसित करेगा. यह डील टेक इंडस्ट्री के दो दिग्गजों के बीच अब तक के सबसे बड़े कोलैबोरेशन में से एक मानी जा रही है, जो ग्लोबल AI रेस के बीच एप्पल की क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने की रणनीति को दिखाती है.

एप्पल इंटेलिजेंस को मिलेगी जेमिनी की ताकत

एक जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, गूगल का जेमिनी AI मॉडल एप्पल के आने वाले फाउंडेशन मॉडल्स की रीढ़ बनेगा. खुद एप्पल ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जेमिनी, एप्पल इंटेलिजेंस के नए अनुभवों को पावर देगा.

इस साझेदारी से एप्पल यूजर्स को ज्यादा पर्सनलाइज्ड और स्मार्ट Siri मिलने की उम्मीद है. जेमिनी की मदद से Siri और दूसरे AI फीचर्स यूजर के कॉन्टेक्स्ट, पसंद और इंटेंट को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे, जिससे वॉयस कमांड, कंटेंट जनरेशन, प्रोडक्टिविटी और ऑन-डिवाइस असिस्टेंस जैसे रोजमर्रा के काम और भी आसान हो जाएंगे.

एलन मस्क की तीखी प्रतिक्रिया

ऐप्पल और Google के बीच AI डील की खबर सामने आते ही एलन मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी. मस्क ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह डील गूगल के मौजूदा दबदबे और ताकत को और बढ़ा देगी. उन्होंने यह भी कहा कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म मौजूद हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐप्पल ने इस समझौते से पहले ओपेन एआई, एंथ्रोपिक और प्रेपलेक्सीटी के साथ भी पार्टनरशिप पर विचार किया था.

ऐप्पल ने क्यों चुनी गूगल की AI टेक्नोलॉजी?

ऐप्पल का कहना है कि इस फैसले से पहले कई AI प्लेटफॉर्म्स की गहराई से जांच की गई. कंपनी के मुताबिक, गूगल का AI इकोसिस्टम आने वाले दौर के लिए सबसे सक्षम साबित हुआ. जेमिनी की एडवांस्ड रीजनिंग क्षमता और मजबूत क्लाउड सपोर्ट, iPhone, iPad, Mac और अन्य Apple डिवाइसेज के लिए नए और इनोवेटिव AI एक्सपीरियंस लाने में मदद करेगा, खासकर भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों में.

भारतीय यूजर्स को क्या मिलेगा फायदा?

इस साझेदारी से भारतीय यूजर्स को स्मार्ट वॉइस असिस्टेंस, बेहतर रीजनल भाषा सपोर्ट और ज्यादा पावरफुल AI फीचर्स का अनुभव मिल सकता है. भारत में AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए, Apple का यह कदम उसे Android आधारित AI एक्सपीरियंस के मुकाबले और मजबूत बना सकता है.

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