क्या होता है ट्रांजिट वीजा, जिससे भारतीयों को मिली बड़ी राहत; जर्मनी के ऐलान से क्या बदलेगा

जर्मनी ने भारतीय यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म कर दी है. अब जर्मनी के एयरपोर्ट से होकर किसी और देश जाने पर भारतीयों को अलग से वीजा नहीं लेना होगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय सफर पहले से कहीं आसान हो जाएगा.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत और जर्मनी के रिश्तों में एक और अहम अध्याय जुड़ गया है. जर्मनी के एयरपोर्ट्स से होकर यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा हुई है. अब उन्हें ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस फैसले से यूरोप और अन्य देशों की यात्रा करने वाले हजारों भारतीयों की राह पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी.

भारत दौरे पर आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को इस फैसले का ऐलान किया. उनके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई और कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए.

क्या होता है ट्रांजिट वीजा

ट्रांजिट वीजा एक तरह का अल्पकालिक परमिट होता है, जिसकी जरूरत तब पड़ती है जब कोई यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए किसी तीसरे देश के एयरपोर्ट से होकर गुजरता है. इसे आमतौर पर लेओवर के दौरान लिया जाता है. इस वीजा के लिए यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा से जुड़े दस्तावेज दिखाने होते हैं और यह भी साबित करना होता है कि वे उस देश में ठहरने नहीं, बल्कि केवल वहां से होकर आगे जाने के लिए आए हैं.

भारतीय यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

फ्रेडरिक मर्ज के इस ऐलान के बाद अब जर्मनी के एयरपोर्ट्स से होकर किसी अन्य देश की यात्रा करने वाले भारतीयों को ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा. इससे पहले भारतीय नागरिकों को शेंजेन ट्रांजिट वीजा लेना अनिवार्य था, भले ही वे जर्मनी या शेंजेन क्षेत्र में प्रवेश न कर रहे हों. इस नियम की वजह से यात्रियों को अतिरिक्त समय, पैसा और दस्तावेजों की झंझट झेलनी पड़ती थी.

नए फैसले से जर्मनी के रास्ते यात्रा करना कहीं अधिक सरल और तेज हो जाएगा. हालांकि, जो लोग जर्मनी में रुकने या वहां जाने का प्लान बना रहे हैं, उन्हें पहले की तरह टूरिस्ट, बिजनेस या स्टूडेंट वीजा लेना ही होगा.

भारत-जर्मनी के बीच 19 अहम समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच कुल 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें रक्षा औद्योगिक सहयोग के लिए एक रोडमैप और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने का रोडमैप शामिल है. इसके अलावा दूरसंचार क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी एक अलग समझौता किया गया.

दोनों नेताओं ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत पर भी जोर दिया. लोगों से लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के मकसद से ही भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी से गुजरने पर वीजा-मुक्त पारगमन की घोषणा की गई.

जर्मन चांसलर की भारत यात्रा

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार सुबह अहमदाबाद पहुंचे. वे दो दिन के भारत दौरे पर हैं. जर्मन चांसलर के रूप में एशिया की यह उनकी पहली यात्रा है, जिसे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है.

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