Google का अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, 22 अक्टूबर तक प्ले स्टोर में करना होगा बदलाव; जानें क्या है पूरा मामला

Google Case: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गूगल के प्ले स्टोर सुधार आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अदालत ने गूगल को प्रतियोगी ऐप्स तक पहुंच और वैकल्पिक स्टोर विकल्प उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. कंपनी ने आदेश का पालन करने की बात कही, लेकिन कानूनी लड़ाई जारी रखेगी. यह मामला एपिक गेम्स के एंटीट्रस्ट मुकदमे से जुड़ा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Google Case: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक साल पुराने उस आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया, जिसके तहत गूगल को अपने एंड्रॉइड ऐप स्टोर में बड़े बदलाव करने थे. यह आदेश गूगल के प्ले स्टोर के खिलाफ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और उसे अवैध एकाधिकार से रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था. इससे कंपनी को शीघ्र ही प्ले स्टोर में सुधार लागू करना होगा, जो अमेरिका में अधिकांश गैर-एप्पल स्मार्टफोन के लिए एंड्रॉइड ऐप्स का प्लेटफॉर्म है.

अदालत द्वारा आदेशित प्रमुख बदलाव

अक्टूबर 2023 में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेम्स डोनाटो ने गूगल को कई बदलाव करने का आदेश दिया था, जिनमें शामिल हैं.

1. प्रतियोगी ऐप डेवलपर्स को अपने एंड्रॉइड ऐप्स तक पहुंच देना.

2. वैकल्पिक ऐप स्टोर विकल्प सीधे प्ले स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराना.

गूगल ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में तर्क दिया कि डोनाटो के आदेश से प्ले स्टोर के 100 मिलियन से अधिक अमेरिकी उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा जोखिम का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इससे दुर्भावनापूर्ण या पायरेटेड सामग्री का प्रसार हो सकता है. कंपनी को आदेश का पालन करने के लिए 22 अक्टूबर तक की समय सीमा दी गई थी.

गूगल की प्रतिक्रिया 

गूगल ने बयान जारी कर कहा कि वह आदेश का पालन करेगा, लेकिन कानूनी लड़ाई जारी रखेगा. कंपनी का कहना है कि आदेश उपयोगकर्ताओं की सुरक्षित ऐप डाउनलोडिंग क्षमता को खतरे में डाल सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में गूगल की याचिका में यह तर्क भी रखा गया कि कंपनी को संभावित प्रतिद्वंद्वियों के लिए आपूर्तिकर्ता बनने के लिए मजबूर करना अनुचित है. गूगल ने इस आदेश और एकाधिकार संबंधी फैसले को पलटने की कोशिश की थी, लेकिन नौवीं सर्किट अपील अदालत ने इसे खारिज कर दिया.

डिजिटल दीवार और मुनाफा

जज डोनाटो ने निष्कर्ष निकाला कि गूगल द्वारा बनाए गए डिजिटल दीवारों ने कंपनी को अरबों डॉलर का वार्षिक मुनाफ़ा कमाने का मौका दिया. विशेषकर इन-ऐप लेनदेन पर 15-30 प्रतिशत शुल्क लेने की प्रणाली के माध्यम से गूगल ने अपने एकाधिकार का फायदा उठाया.

एपिक गेम्स मुकदमा

गूगल के खिलाफ यह मुकदमा एपिक गेम्स द्वारा दायर 2020 के एंटीट्रस्ट केस का हिस्सा है. एपिक ने पहले एप्पल के आईफोन ऐप स्टोर के खिलाफ ऐसा ही मुकदमा लड़ा था, जिसमें जूरी ने एप्पल को अवैध एकाधिकार घोषित नहीं किया, लेकिन वैकल्पिक भुगतान प्रणाली की अनुमति दी गई. एपिक गेम्स के सीईओ टिम स्वीनी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को बिना किसी शुल्क और बाधा के वैकल्पिक ऐप भुगतान विकल्प मिलेंगे.

गूगल के अन्य कानूनी मोर्चे

प्ले स्टोर के बदलावों से गूगल के लाभ पर असर पड़ सकता है, लेकिन कंपनी का अधिकतम मुनाफा डिजिटल विज्ञापन नेटवर्क और सर्च इंजन से आता है. अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लाए गए अन्य एकाधिकार मामलों में गूगल के सर्च और विज्ञापन तकनीक के कुछ हिस्सों को अवैध घोषित किया गया है.

इस वर्ष की शुरुआत में, संघीय न्यायाधीश ने सर्च इंजन मामले में गूगल के संभावित विभाजन प्रस्ताव को अस्वीकार कर राहत दी थी. हालांकि, विज्ञापन प्रौद्योगिकी मामले की कार्यवाही 17 नवंबर को वर्जीनिया के एलेक्जेंड्रिया में समापन बहस के साथ पूरी होने वाली है.

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