'ई बिहार है बाबू’, किताबों की जगह ऑटो का स्टेयरिंग थामे दिखा 10 साल का बच्चा, वीडियो देखकर भड़के लोग
सोशल मीडिया पर एक छोटे बच्चे का ऑटो रिक्शा चलाते वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. सवारियों से भरे ऑटो को भीड़भाड़ वाले बाजार में चलाते देख लोग हैरान हैं. वहीं इस घटना को लेकर इंटरनेट पर तीखी बहस भी छिड़ गई है.

नई दिल्ली: भीड़भाड़ वाली सड़क, सवारियों से भरा ऑटो और ड्राइविंग सीट पर बैठा एक छोटा बच्चा… सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है. जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और स्कूल बैग होने चाहिए, उस उम्र में एक मासूम बच्चे को ऑटो रिक्शा चलाते देख लोग भावुक भी हो रहे हैं और नाराज भी. वीडियो तेजी से इंटरनेट पर शेयर किया जा रहा है. वहीं इस वीडियो को लेकर लोग दो गुट में बट गए हैं, एक इसे टैलेंट बता रहा है वहीं दूसरा इसे मजबूरी.
वायरल वीडियो में करीब 10 से 12 साल का एक बच्चा व्यस्त बाजार के बीच ऑटो रिक्शा चलाते हुए दिखाई दे रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ऑटो खाली नहीं था, बल्कि उसमें कई सवारियां बैठी हुई थीं. वीडियो देखने के बाद कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी छोटी उम्र में बच्चे को सड़क पर ऑटो चलाने की नौबत क्यों आई. वहीं कुछ लोग उसके आत्मविश्वास और ड्राइविंग कंट्रोल को देखकर आश्चर्य जता रहे हैं. हालांकि, इस पूरे मामले ने सड़क सुरक्षा और बाल श्रम जैसे गंभीर मुद्दों को भी सामने ला दिया है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि इसे अब तक करोड़ों लोग देख चुके हैं. वीडियो को `krohityadav_09` नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, “ई बिहार है बाबू, कुछ भी हो सकता है.”
वीडियो को लाखों लाइक्स मिल चुके हैं और हजारों लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कमेंट किए, जबकि कई लोगों ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया. एक यूजर ने लिखा कि किसी भी बच्चे के लिए यह सामान्य बात नहीं हो सकती और इसके पीछे जरूर कोई मजबूरी होगी.
वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि यह गर्व की नहीं बल्कि चिंता की बात है कि आज भी कई बच्चे पढ़ाई छोड़कर काम करने को मजबूर हैं. कुछ लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क पर खुलेआम एक नाबालिग बच्चे का ऑटो चलाना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है. इससे न सिर्फ बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है, बल्कि सवारियों और सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है.


