'सुबह 6:30 बजे ऑफिस आओ!' वर्चुअल मीटिंग के लिए ऑफिस बुलाया, Gen Z कर्मचारी का करारा जवाब वायरल
सुबह 7 बजे की वर्चुअल मीटिंग के लिए 6:30 बजे ऑफिस पहुंचने के आदेश पर एक Gen Z कर्मचारी ने शांत लेकिन तर्कपूर्ण जवाब दिया. यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और कार्यस्थल के नियमों पर बहस छेड़ दी.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक Gen Z कर्मचारी और उसके बॉस के बीच हुई बातचीत दिखाई गई है. मामला एक वर्चुअल मीटिंग का है, जिसे लेकर ऑफिस में अनोखा विवाद खड़ा हो गया. बताया जा रहा है कि बॉस ने सुबह 7 बजे होने वाली ऑनलाइन मीटिंग के लिए कर्मचारी को 6:30 बजे तक दफ्तर में शारीरिक रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया था.
इस बातचीत को X (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने शेयर किया. उसने इसे Gen Z की सोच का उदाहरण बताते हुए लिखा कि ये वही लोग हैं जो पुराने कॉर्पोरेट नियमों को चुनौती दे रहे हैं.
Gen Z employees. Not the heroes we deserved, but the heroes we needed. pic.twitter.com/XNewTYuATE
— Lexis (@niilexis) February 2, 2026
बॉस का सख्त संदेश
वायरल पोस्ट में जो संदेश दिखाया गया है, वह काफी सख्त भाषा में लिखा गया था. बॉस ने इसे “अंतिम अनुस्मारक” बताया और कहा कि यदि कर्मचारी सुबह 6:30 बजे तक ऑफिस में मौजूद नहीं हुआ, तो इसे आदेश की अवहेलना माना जाएगा. साथ ही चेतावनी दी गई कि बार-बार ऐसा होने पर कंपनी की नीति के अनुसार निलंबन जैसी कार्रवाई भी हो सकती है. अंत में कर्मचारी से तुरंत पुष्टि करने को कहा गया. यह संदेश कई लोगों को बहुत अनावश्यक लगा, खासकर इसलिए क्योंकि मीटिंग खुद “वर्चुअल” बताई गई थी.
कर्मचारी का शांत लेकिन ठोस जवाब
बॉस के इस सख्त संदेश के बाद कर्मचारी ने जो जवाब दिया, वही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. उसने बहुत शांति और साफ शब्दों में लिखा कि वह वर्चुअल मीटिंग में “वर्चुअल” रूप से ही शामिल होगा. उसने यह भी कहा कि मीटिंग के स्वरूप के अनुसार उसकी उपस्थिति ऑनलाइन ही होगी, न कि दफ्तर में शारीरिक रूप से. कर्मचारी ने यह तर्क भी दिया कि स्थान को लेकर निलंबन की धमकी देना नियमों का सही उपयोग नहीं है. अंत में उसने स्पष्ट किया कि वह ऑनलाइन मौजूद है.
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस जवाब के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई. कई लोगों ने कर्मचारी की साफ सोच और आत्मविश्वास की तारीफ की. उनका मानना था कि अगर मीटिंग ऑनलाइन है, तो ऑफिस में इतनी सुबह पहुंचने की शर्त समझ से परे है. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि कंपनी को शारीरिक उपस्थिति इतनी जरूरी थी, तो फिर आमने-सामने की मीटिंग क्यों नहीं रखी गई. वहीं कुछ लोगों ने माना कि कर्मचारी का जवाब तर्कपूर्ण तो था, लेकिन हर कॉर्पोरेट माहौल में इस तरह बोलना सुरक्षित नहीं होता.
बदलते वर्क कल्चर की झलक
यह घटना केवल एक मीटिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे कार्यस्थल की बदलती सोच पर भी चर्चा शुरू हो गई. आज की नई पीढ़ी लचीलापन, विश्वास और परिणाम आधारित काम को ज्यादा महत्व देती है. वहीं कुछ कंपनियां अब भी पारंपरिक नियमों पर चल रही हैं.


