भारतीय लड़की ने रचा इतिहास, 4 दिन में दौड़कर तय किए 480 KM
हौसले अगर मजबूत हों तो कोई भी दूरी नामुमकिन नहीं लगती. एक भारतीय लड़की ने अपनी जबरदस्त मेहनत और जज़्बे से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. हिमालय की दुर्गम ऊंचाइयों पर दौड़कर उसने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है.

नई दिल्ली: कहते हैं कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी मंजिल दूर नहीं होती. मेहनत, जज्बा और हौसले का ऐसा ही उदाहरण पेश किया है भारतीय धावक सूफिया सूफी ने, जिनकी उपलब्धि ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. हिमालय की दुर्गम वादियों में दौड़कर उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे जानकर बड़े-बड़े एथलीट भी हैरान रह जाएं.
सूफिया की यह सफलता सिर्फ एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सोच को तोड़ती है जो सीमाओं को असंभव मान लेती है. उन्होंने साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो ऊंचाई, मौसम और रास्ते की कठिनाइयां भी रास्ता नहीं रोक सकतीं.
हिमालय की ऊंचाइयों पर रचा इतिहास
भारतीय धावक सूफिया सूफी ने साल 2023 में एक ऐसा कीर्तिमान बनाया, जो आज भी चर्चा में है. उन्होंने मनाली से लेह तक की अत्यंत चुनौतीपूर्ण हाई-एल्टीट्यूड दूरी को महज़ 98 घंटे 27 मिनट में पूरा किया. इस दौरान उन्होंने करीब 480 किलोमीटर का सफर तय किया और हिमालय के पांच ऊंचे पर्वतीय दर्रों को पार किया.
यह दौड़ केवल दूरी की नहीं थी, बल्कि इसमें 8,500 मीटर से अधिक ऊंचाई भी शामिल थी. अब तक कोई भी महिला धावक इस कठिन मार्ग को इतनी तेज़ी से पार नहीं कर पाई थी, यही वजह है कि सूफिया की यह उपलब्धि ऐतिहासिक मानी जा रही है.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से मिली मान्यता
हाल ही में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने सूफिया सूफी को उनकी इस उपलब्धि के लिए आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया है. हालांकि, यह रिकॉर्ड उन्होंने दो साल पहले ही बना लिया था, लेकिन सर्टिफिकेट अब जाकर उनके पास पहुंचा.
The fastest run from Manali to Leh, across all five high passes. 🏔️🏃🏻♀️
— Sufiya Sufi Runner (@sufirunner) January 31, 2026
A high altitude endurance running challenge with elevation gain of more than 8500 meters.
Target: 100 hours.
Finished in 98 hours 27 minutes.
The record was made and approved in 2023, but the Official… pic.twitter.com/IHArGML81V
इस खुशी को साझा करते हुए सूफिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सर्टिफिकेट के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की और लिखा,"प्रमाणपत्र अब जाकर उनके घर पहुंचा है."
समर्थकों के प्रति जताया आभार
सूफिया ने अपनी पोस्ट में इस उपलब्धि पर गर्व जताने के साथ-साथ अपने सभी स्पॉन्सर्स, सहयोगियों और समर्थकों का दिल से धन्यवाद किया. उन्होंने लिखा कि इस कठिन और चुनौतीपूर्ण सफर में हर उस व्यक्ति का योगदान रहा, जिसने उनका साथ दिया.
हिम्मत और आत्मविश्वास की मिसाल
सूफिया सूफी की यह कामयाबी सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि यह हिम्मत, धैर्य और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल है. उनकी कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमाओं से डरकर अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं.


