4 बीवियां न हुईं तो मर्द की बेइज्जती!" पाकिस्तानी मौलाना का विवादित बयान वायरल
सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी मौलाना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह दावा कर रहे हैं कि अगर किसी मुस्लिम पुरुष की मौत के बाद चार बीवियां विधवा नहीं होती, तो यह उस व्यक्ति की बेइज्जती है. मौलाना के इस विवादित बयान ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है और लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी मौलाना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं. इस वीडियो में मौलाना ऐसी बातें कर रहा है, जिन्हें सुनकर कोई भी अपना सिर पकड़ लेगा. लोगों का कहना है कि यह बयान सिर्फ इस्लाम को बदनाम करने का एक तरीका है. वीडियो में मौलाना ने निकाह और चार पत्नियों को लेकर बेहद विवादित बातें कही हैं, जिस पर जमकर बहस हो रही है.
इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने मौलाना पर जमकर निशाना साधा. हिंदू-मुस्लिम सभी धर्मों के लोग इसे शर्मनाक करार दे रहे हैं. आइए जानते हैं इस वायरल वीडियो की पूरी कहानी.
"मरने पर चार विधवाएं होनी चाहिए!"
वायरल वीडियो में मौलाना यह कहते हुए नजर आ रहा है, "मैं जब मरूंगा तो चार औरतों को विधवा बनाकर जाऊंगा. अगर मेरी मौत पर चार विधवाएं नहीं हुईं, तो यह मेरी इंसल्ट होगी. मुसलमानों के लिए यह जरूरी है कि उनके निकाह में चार औरतें हों. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह इस्लाम का अपमान है. मौलाना का यह बयान सुनने के बाद लोग उसकी सोच पर सवाल उठा रहे हैं. कई लोगों ने इसे "चार बीवियों की अनावश्यक महिमा" बताया.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
इस बयान के वायरल होने के बाद लोग मौलाना पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, **"यह मौलाना मदरसे का खराब प्रोडक्ट है. इसे इस्लाम की सही शिक्षा नहीं मिली." वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, "चार बीवियां रखने के बाद अगर उनके बीच झगड़ा हो, तो मौलाना क्या करेंगे?" कुछ यूजर्स ने इस बयान को इस्लाम की गलत व्याख्या बताते हुए कहा कि ऐसी सोच सिर्फ धर्म को बदनाम करती है.
"सभी धर्मों के लोग दे रहे गालियां"
मौलाना के इस वीडियो पर हिंदू-मुस्लिम सभी धर्मों के लोग नाराजगी जता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, **"काम ऐसा करो कि सब धर्म के लोग मिलकर गालियां दें." लोगों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश फैलाते हैं.
मौलाना के बयान पर विवाद क्यों?
मौलाना के बयान का विरोध इसलिए भी हो रहा है क्योंकि यह समाज में महिलाओं की भूमिका को कमतर आंकता है. चार पत्नियों को विधवा बनाने का दावा न केवल अशोभनीय है, बल्कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक रवैया भी दर्शाता है.
सोशल मीडिया पर उठी मांग
लोगों का कहना है कि ऐसे बयान देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. धर्म के नाम पर ऐसी बातें करना समाज में वैमनस्यता फैलाने का काम करता है.


