विदेश
ट्रंप की ईरान पर बड़ी तैयारी! मिडिल ईस्ट में हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात करने का प्लान, क्या है अगला कदम?
डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की तादाद बढ़ाने की तैयारी में जुटे हैं. उनकी नजर खार्ग द्वीप और ईरान के परमाणु ठिकानों पर टिकी है, जहां सैनिक भेजना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. ट्रंप प्रशासन ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया, मगर सारे रास्ते खुले रखे हैं.
भारत-पाक के बीच परमाणु युद्ध का खतरा? अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु टकराव का खतरा बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी गतिविधियां तनाव बढ़ा सकती हैं, जबकि पाकिस्तान की मिसाइल क्षमता को अमेरिका के लिए भी संभावित खतरा माना गया है.
ईरान ने कतर के रास लफ्फान गैस केंद्र पर किया हमला, भारी नुकसान की खबर
खाड़ी देश अब ईरान के तीव्र प्रतिशोध की सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं. अमेरिका-इजराइल के हमलों ने मध्य पूर्व को युद्ध की आग में झोंक दिया, लेकिन बदले की आंधी में UAE, सऊदी अरब, कतर जैसे देशों के हवाई अड्डे, तेल सुविधाएं और शहर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. ये वो इलाका है जो युद्ध नहीं चाहता था, फिर भी सबसे भारी कीमत चुका रहा है.
सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला, खाड़ी में वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा, ईरान ने सऊदी कतर को दी धमकी
मिडिल ईस्ट में ईरान के पार्स गैस फील्ड पर हमला हुआ, जिससे क्षेत्र में तनाव और खाड़ी देशों में ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस हमले के बाद ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर को चेतावनी दी और जवाबी कार्रवाई की संभावना जताई है.
अमेरिका इंटेलिजेंस चीफ का बयान, 'US के लिए पाकिस्तान सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक'
अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा बताया और ईरान, चीन, रूस व उत्तर कोरिया को भी खतरनाक देशों में शामिल किया. उन्होंने कहा कि ये देश उन्नत मिसाइल और हथियार तकनीक विकसित कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिल रही है.
'भारत से आई मदद', ईरान ने पोस्ट कर कुछ घंटे में किया डिलीट!
ईरानी दूतावास ने भारत से मेडिकल मदद मिलने का दावा कर पोस्ट किया, लेकिन कुछ घंटों बाद उसे हटा दिया, जबकि भारत सरकार ने ऐसी किसी सहायता से इनकार किया है. वहीं, अमेरिका-इजरायल युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हो रहा है और स्वास्थ्य व मानवीय संकट गहराता जा रहा है.