अमेरिका ने भारत से डील को लेकर जारी की फैक्ट शीट, कई अहम बिंदुओं का जिक्र

व्हाइट हाउस ने एक फैक्ट शीट जारी कर अमेरिका और भारत के बीच हुए एक अहम व्यापारिक समझौते की जानकारी दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

व्हाइट हाउस ने 10 फरवरी 2026 को एक फैक्ट शीट जारी कर अमेरिका और भारत के बीच हुए एक अहम व्यापारिक समझौते की जानकारी दी है. इस दस्तावेज़ के अनुसार, दोनों देशों ने आपसी व्यापार संबंधों को नई दिशा देने के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है. 

फैक्ट शीट कब जारी होती है?

यह जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी संयुक्त बयान के आधार पर सामने आई है. फैक्ट शीट आमतौर पर किसी भी बड़े व्यापारिक या आर्थिक समझौते से जुड़ी प्रमुख शर्तों और उद्देश्यों को स्पष्ट करने के लिए जारी की जाती है.

व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह संयुक्त बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाल ही में हुई बातचीत के बाद जारी किया गया. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए टैरिफ में राहत और बाजार तक पहुंच को आसान बनाना जरूरी है. इसके साथ ही, व्यापक अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई.

अमेरिका की ओर से की गई प्रमुख घोषणाओं में भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को पूरी तरह हटाने का फैसला शामिल है. इसके अलावा, भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है. व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम भारत द्वारा कुछ नीतिगत आश्वासनों और सुधारों के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को संतुलित किया जा सके.

समझौते के कई अहम बिंदुओं का जिक्र

फैक्ट शीट में समझौते के कई अहम बिंदुओं का जिक्र किया गया है. इसके तहत भारत कई अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों के साथ-साथ कृषि और खाद्य वस्तुओं पर शुल्क में कटौती करेगा या उन्हें समाप्त करेगा. भारत ने अमेरिका से ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खरीद बढ़ाने का भी भरोसा दिया है. इसके अलावा, दोनों देश व्यापार में आने वाली नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर मिलकर काम करेंगे.

डिजिटल व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत का रास्ता खोला गया है. इसमें डिजिटल सर्विस टैक्स को हटाने और डिजिटल नियमों को लेकर आपसी सहमति बनाने की बात शामिल है. साथ ही, सप्लाई चेन, उन्नत तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति बनी है.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत में लंबे समय से अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे टैरिफ और सख्त गैर-शुल्क प्रतिबंध रहे हैं. इस समझौते का उद्देश्य अमेरिकी निर्यातकों के लिए भारतीय बाजार में बेहतर अवसर पैदा करना, व्यापारिक बाधाओं को कम करना और दोनों देशों के बीच संतुलित व्यापार को बढ़ावा देना है. फैक्ट शीट के अनुसार, आने वाले हफ्तों में इस ढांचे को लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी, ताकि भविष्य में एक व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौता किया जा सके.

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