6 महीने के भीतर एक और शीर्ष अधिकारी बाहर, अकासा एयर के सह-संस्थापक प्रवीण अय्यर ने दिया इस्तीफा
अकासा एयर के सह-संस्थापक और सीसीओ प्रवीण अय्यर ने इस्तीफा दे दिया है. चार महीनों में यह दूसरा बड़ा एग्जिट है. वहीं एयरलाइन हाल ही में IATA की सदस्य बनी है और 33 विमानों के साथ विस्तार जारी रखे हुए है.

नई दिल्ली: देश की तेजी से उभरती एयरलाइन अकासा एयर एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह है कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (सीसीओ) प्रवीण अय्यर का इस्तीफा. तीन साल से कुछ अधिक समय में अपनी पहचान बनाने वाली इस एयरलाइन के लिए यह एक अहम मोड़ माना जा रहा है. खास बात यह है कि पिछले चार महीनों में यह दूसरा मौका है जब किसी सह-संस्थापक ने कंपनी से दूरी बनाई है.
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रवीण अय्यर ने लगभग पांच साल की यात्रा के बाद अपने जीवन के अगले चरण की ओर बढ़ने का निर्णय लिया है. हालांकि वे 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के साथ बने रहेंगे ताकि नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके.
चार महीनों में दूसरा बड़ा इस्तीफा
अक्टूबर 2025 में नीलू खत्री ने भी अकासा एयर से इस्तीफा दिया था. अब प्रवीण अय्यर का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है. अय्यर कंपनी की कार्यकारी समिति के सदस्य भी थे और वाणिज्यिक रणनीतियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. वर्तमान में अकासा एयर के चार सह-संस्थापक हैं- आदित्य घोष, आनंद श्रीनिवासन, बेल्सन कौटिन्हो और भाविन जोशी. एयरलाइन की स्थापना विनय दुबे ने की थी, जो इसके संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं.
बेड़े और विस्तार की स्थिति
7 अगस्त 2022 को अपनी उड़ान शुरू करने वाली अकासा एयर ने कम समय में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. कंपनी के पास फिलहाल 33 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं. इन विमानों के जरिए एयरलाइन 26 घरेलू और 6 अंतरराष्ट्रीय शहरों को जोड़ रही है. तेजी से बढ़ते नेटवर्क और आधुनिक विमानों के कारण अकासा एयर ने भारतीय विमानन बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है.
आईएटीए की सदस्यता से बढ़ी वैश्विक पहचान
जनवरी 2026 में अकासा एयर इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की सदस्य बनी. यह एक वैश्विक संगठन है, जिसमें दुनिया भर की 360 से अधिक एयरलाइंस शामिल हैं. भारत से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और स्पाइसजेट पहले से ही इसके सदस्य हैं.
आईएटीए की सदस्यता प्राप्त करने से पहले अकासा एयर ने आईएटीए ऑपरेशनल सेफ्टी ऑडिट (आईओएसए) पूरा किया, जो इस सदस्यता के लिए अनिवार्य शर्त है. आईएटीए के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शेल्डन ही ने कहा कि भारत में विमानन क्षेत्र की संभावनाएं काफी बड़ी हैं और यह उद्योग लाखों रोजगार देता है तथा अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान करता है.
आईएटीए से जुड़ने पर अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने कहा कि इससे कंपनी की वैश्विक विश्वसनीयता और मजबूत होगी. उनके अनुसार, यह कदम अकासा एयर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार भारतीय एयरलाइन के रूप में स्थापित करेगा.


