अब इंडिया बनेगा रेयर अर्थ का नया बादशाह, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा बदल देगा इतिहास
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा महज कूटनीतिक नहीं, बल्कि आपकी जेब और देश की सुरक्षा से सीधा जुड़ा है. असली खेल है ब्राजील के 'रेयर अर्थ' खजाने पर, बिना जिसके न स्मार्टफोन चलेंगे, न इलेक्ट्रिक कारें. साथ ही भारतीयों को 10 साल का आसान वीजा और सस्ती दवाइयों का बड़ा निर्यात भी मजे की खबर है.

नई दिल्ला: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा का 18 से 22 फरवरी तक प्रस्तावित भारत दौरा केवल राजनयिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहने वाला है. यह यात्रा दोनों उभरती महाशक्तियों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार विस्तार और भविष्य की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का एक सुनियोजित कदम मानी जा रही है. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के इस दौर में भारत और ब्राजील एक-दूसरे को वैकल्पिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, जहां सांबा और ताल की धुन में नया गठजोड़ तैयार हो रहा है.
ब्राजील के राजदूत केनेथ एच. दा नोब्रेगा ने स्पष्ट किया कि यह दौरा फार्मास्यूटिकल्स, क्रिटिकल मिनरल्स, विमानन और बहुआयामी सहयोग के क्षेत्र में ठोस परिणाम लाने वाला होगा. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच साल में 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य अब हकीकत के करीब आता दिख रहा है.
20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
वर्तमान में भारत-ब्राजील द्विपक्षीय व्यापार लगभग 12.19 अरब डॉलर के स्तर पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला ने इसे 20 अरब डॉलर तक ले जाने का संकल्प लिया है. पिछले साल ब्राजील दौरे के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि फुटबॉल ब्राजील का जुनून है और क्रिकेट भारत की धड़कन. जब हम एक ही टीम में होंगे, तो 20 अरब डॉलर की साझेदारी का गोल करना मुश्किल नहीं होगा.
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत-मर्कोसुर प्रिफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के दायरे को बढ़ाने पर गंभीर चर्चा हो रही है, जिससे दोनों देशों के निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे.
रेयर अर्थ खनिजों पर भारत की नजर
ब्राजील के पास लिथियम सहित महत्वपूर्ण खनिजों का विशाल भंडार है, जो क्लीन एनर्जी, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए जरूरी हैं. भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति के लिए इन खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है. इस दौरे में क्रिटिकल मिनरल्स पर होने वाला समझौता भारत की भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
फार्मा क्षेत्र में बड़ी साझेदारी
ब्राजील की विशाल सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सस्ती और प्रभावी दवाओं की भारी आवश्यकता है. भारत, जिसे ‘विकासशील दुनिया की फार्मेसी’ कहा जाता है, इस कमी को पूरा करने में सबसे मजबूत स्थिति में है. स्वास्थ्य सहयोग पर होने वाला समझौता भारतीय फार्मा कंपनियों को ब्राजील के विशाल बाजार में मजबूत उपस्थिति स्थापित करने का सुनहरा अवसर देगा.
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी नई उड़ान
रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में सबसे बड़ी खबर अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और ब्राजील की प्रमुख कंपनी एम्ब्रेयर के बीच होने वाले संभावित समझौते की है. दोनों कंपनियां भारत में रिजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (क्षेत्रीय परिवहन विमान) के निर्माण पर सहयोग कर सकती हैं. यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल को नई ऊंचाई देगा और भारत को वैश्विक विमानन बाजार में मजबूत खिलाड़ी बनाएगा.
भारतीय पर्यटकों के लिए 10 साल का वीजा
व्यापार और रणनीति के अलावा आम लोगों के लिए भी अच्छी खबर है. ब्राजील ने भारतीय पर्यटकों के लिए 10 साल की मल्टीपल-एंट्री वीजा व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की है. साथ ही बिजनेस और पेशेवर यात्राओं के लिए वीजा नियमों को और सरल बनाया जा रहा है, जिससे सांस्कृतिक और पर्यटन आदान-प्रदान में तेजी आएगी.


