केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए नया साल का तोहफा! DA-DR 60% पहुंचा, सैलरी में 2% की बढ़ोतरी तय

8वें वेतन आयोग के लागू होते ही सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं उछलेगी, बल्कि HRA, ट्रैवल अलाउंस और मेडिकल अलाउंस में भी अच्छा-खासा इजाफा होने की पूरी उम्मीद है. यानी कुल मिलाकर आपकी इन-हैंड सैलरी में ऐसा उछाल आएगा कि महीने के अंत में बैंक बैलेंस देखकर मन खूश हो जाएगा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए ये साल राहत और फायदे से भरा रहने वाला है. हालिया महंगाई के आंकड़ों ने यह संकेत दे दिया है कि सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी की मजबूत जमीन तैयार हो चुकी है. सरकारी नौकरी करने वालों और पेंशन पाने वालों की नजर अब महंगाई भत्ते और 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हर अपडेट पर टिकी है.

महंगाई के ताजा आंकड़ों के सामने आने के बाद यह साफ होता जा रहा है कि नए साल में कर्मचारियों की आय में इजाफा तय माना जा सकता है. 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार के स्तर पर हलचल तेज होने से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं कि आने वाले समय में जेब पर महंगाई का बोझ कुछ हल्का होगा.

महंगाई भत्ते में कितनी बढ़ सकती है राहत

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है. नवंबर महीने में ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स में 0.5 अंक की बढ़त दर्ज की गई है, जिसके बाद यह 148.2 के स्तर पर पहुंच गया है. खास बात यह है कि बीते पांच महीनों से यह इंडेक्स लगातार ऊपर की ओर बना हुआ है.

नवंबर तक के आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ता 59.93% तक पहुंच चुका है. इसका सीधा संकेत यह है कि जनवरी 2026 से लागू होने वाला डीए 60% के आंकड़े को छू सकता है, जो मौजूदा 58% से ज्यादा होगा. अगर दिसंबर का डेटा भी इसी रफ्तार से बढ़ता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा खासा उछाल देखने को मिल सकता है.

हालांकि, यह भी साफ है कि अंतिम निर्णय सरकार की ओर से ही लिया जाएगा, इसलिए अभी 2% या 3% की बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मानी जा सकती.

DA और DR बढ़ाने का फॉर्मूला क्या है?

अक्सर कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में यह सवाल रहता है कि महंगाई भत्ता आखिर किस आधार पर बढ़ाया जाता है. सरल शब्दों में समझें तो सरकार हर छह महीने में महंगाई के आंकड़ों की समीक्षा करती है और उसी के आधार पर कर्मचारियों का डीए और पेंशनर्स का डीआर तय किया जाता है.

इस समय जो आंकड़े सामने आए हैं, वे जुलाई से नवंबर के बीच के हैं. जनवरी से लागू होने वाली नई दरों के लिए दिसंबर का आंकड़ा सबसे अहम कड़ी साबित होगा. यदि महंगाई का ट्रेंड इसी तरह बना रहा, तो नए साल की पहली छमाही में कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार की ओर से ज्यादा सहायता मिल सकती है.

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