सऊदी अरब में बन रहा 'सिटी ऑफ अर्थ', नाम नोट कर लीजिए 'दिरियाह', भारतीय कंपनियां कर रहीं निवेश

सऊदी अरब में एक भव्य 'सिटी ऑफ अर्थ' का निर्माण हो रहा है. इसमें लोगों की सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया है. इस प्रोजेक्ट में भारतीय कंपनियों टाटा और ओबेरॉय ग्रुप ने निवेश में रुचि दिखाई है. दोनों कंपनियाँ इस नए शहर में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

सऊदी अरब में एक भव्य 'सिटी ऑफ अर्थ' का निर्माण किया जा रहा है, जिसे दिरियाह नाम दिया गया है. यह प्रोजेक्ट 63 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार होगा और इसमें लग्जरी सुविधाओं का समावेश होगा.

टाटा और ओबेरॉय जैसी कंपनियों की दिलचस्पी

इस प्रोजेक्ट में भारतीय कंपनियों टाटा और ओबेरॉय ग्रुप ने निवेश में रुचि दिखाई है. दोनों कंपनियाँ इस नए शहर में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं. दिरियाह को सऊदी अरब की राजधानी रियाद के बाहरी इलाके में बनाया जा रहा है.

दिरियाह की शानदार सुविधाएँ

इस सिटी में एक लाख घर और एक लाख से अधिक दफ्तरों का निर्माण होगा. साथ ही 40 से अधिक लक्जरी होटल, 1000 से ज्यादा दुकानें, 150 से अधिक रेस्तरां और कैफे, एक विश्वविद्यालय, कला और सांस्कृतिक स्थलों सहित कई सुविधाएँ उपलब्ध होंगी. यहां एक ओपेरा हाउस, बहुउद्देशीय कार्यक्रम क्षेत्र (20,000 सीटों वाला), गोल्फ कोर्स, और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी और पोलो केंद्र भी बनाया जाएगा.

आर्थिक योगदान और रोजगार

इस परियोजना का उद्देश्य सऊदी अरब के रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा देना है. यह परियोजना सऊदी जीडीपी में 18.6 बिलियन डॉलर का योगदान करेगी और 178,000 नौकरियों के अवसर उत्पन्न करेगी.

भारत-सऊदी अरब व्यापार संबंध

इस परियोजना के बारे में सिटी ऑफ अर्थ के सीईओ जैरी इंजेरिलो ने कहा कि भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय व्यापार मजबूत है, और 3000 से अधिक भारतीय कंपनियाँ पहले ही यहाँ काम कर रही हैं. ताज होटल समूह अपनी 250वीं संपत्ति के रूप में दिरियाह में 202 कमरे खोलने जा रहा है.

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