चले थे एपल को टक्कर देने, सैमसंग के कर्मचारियों ने प्लांट में कर दी हड़ताल, जानें क्या है पूरा मामला

श्रीपेरंबदूर जिले में कारखाने से लगभग दो किलोमीटर दूर सुंगुवरचत्रम में शनिवार शाम को सीआईटीयू के पदाधिकारियों ने अपने सचिव ई मुथु कुमार और समर्थकों के नेतृत्व में प्रदर्शन किया. यूनियन ने मांग की कि निलंबित कर्मचारियों, जो सीआईटीयू के पदाधिकारी हैं, को बहाल किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनका निलंबन तत्काल वापस नहीं लिया गया तो वे विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग के यहां पास में स्थित कारखाने में कर्मचारियों के एक वर्ग और प्रबंधन के बीच ताजा गतिरोध जारी है. हड़ताल की अगुवाई कर रही सीआईटीयू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) के पदाधिकारियों ने कहा है कि सीआईटीयू विरोध को और तेज करने की योजना बना रहा है. 

सैमसंग इंडिया वर्कर्स यूनियन के कर्मचारी पांच फरवरी से अपने तीन सहकर्मियों की बहाली की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जिन्हें प्रबंधन ने निलंबित कर दिया था. सैमसंग इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि सैमसंग कर्मचारियों द्वारा ऐसी किसी भी गैरकानूनी कार्रवाई का समर्थन नहीं करती है, जिससे कार्यस्थल पर औद्योगिक शांति भंग होती है.

5 फरवरी से फैक्ट्री के अंदर दे रहे धरना

श्रीपेरंबदूर जिले में कारखाने से लगभग दो किलोमीटर दूर सुंगुवरचत्रम में शनिवार शाम को सीआईटीयू के पदाधिकारियों ने अपने सचिव ई मुथु कुमार और समर्थकों के नेतृत्व में प्रदर्शन किया. यूनियन ने मांग की कि निलंबित कर्मचारियों, जो सीआईटीयू के पदाधिकारी हैं, को बहाल किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनका निलंबन तत्काल वापस नहीं लिया गया तो वे विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे.

आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कुमार ने कहा कि सैमसंग इंडिया के कर्मचारी पांच फरवरी से कारखाने के अंदर धरना दे रहे हैं, जबकि सीआईटीयू अपने समर्थकों के साथ हड़ताली कर्मचारियों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए प्रदर्शन कर रही है.

विरोध तेज करने की दी चेतावनी

पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पार्टी के झंडे लिए सीआईटीयू के लगभग 50 समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान मुद्दे को हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाने का आरोप लगाते हुए सैमसंग इंडिया और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए.कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी तथा उन्होंने तमिलनाडु के अन्य श्रमिक संघों से समर्थन मांगकर इसे और तेज करने की चेतावनी दी.

इससे पहले, 2024 में वेतन संशोधन सहित विभिन्न मांगों को लेकर सैमसंग इंडिया के कर्मचारी 30 दिनों से अधिक समय तक हड़ताल पर रहे थे. बाद में तमिलनाडु सरकार के हस्तक्षेप के बाद इसे वापस ले लिया गया था.

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