बिग बी की आवाज में साइबर धोखाधड़ी वाली कॉलर ट्यून बंद, जानें क्या है वजह?

Amitabh Bachchan: कॉलर ट्यून का बंद होना कई लोगों के लिए राहत की बात है. लेकिन यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा। अमिताभ बच्चन ने ट्रोलर्स को गरिमापूर्ण जवाब देकर अपनी छवि को और मजबूत किया। अब सवाल यह है कि सरकार साइबर जागरूकता के लिए अगला कदम क्या उठाएगी?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Amitabh Bachchan: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज में साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता वाली कॉलर ट्यून को भारत सरकार ने आज 26 जून 2025 से बंद करने का फैसला किया है. यह कॉलर ट्यून, जो पिछले कुछ महीनों से हर मोबाइल कॉल से पहले सुनाई देती थी. अब नहीं बजेगी. जिसका उद्देश्य लोगों को साइबर ठगी, फिशिंग और फर्जी कॉल्स से सावधान करना था. लेकिन इसके बार-बार बजने से कई लोग परेशान हो गए थे. सोशल मीडिया पर इस कॉलर ट्यून को लेकर अमिताभ बच्चन को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रोलर्स इस फैसले की वजह हैं?

कॉलर ट्यून की शुरुआत और उद्देश्य

भारत सरकार टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह कॉलर ट्यून शुरू की थी. अमिताभ बच्चन की प्रभावशाली आवाज में यह 40 सेकंड का संदेश लोगों को अनजान कॉल्स, OTP शेयरिंग और फर्जी लिंक्स से बचने की सलाह देता था. यह अभियान साइबर ठगी से बचाव के लिए जनहित में शुरू किया गया था. और शुरुआत में इसे काफी सराहना मिली.

ट्रोलिंग और जनता की शिकायतें

पिछले कुछ महीनों में इस कॉलर ट्यून को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी बढ़ने लगी. कई यूजर्स ने इसे बार-बार सुनने से होने वाली असुविधा की शिकायत की, खासकर किसी इमरजेंसी कॉल्स के दौरान कुछ यूजर्स ने इसे आपातकालीन कॉल्स में देरी का कारण बताया, जिससे गंभीर परिस्थितियों में परेशानी हुई. जिसके बाद एक यूजर्स ने एक्स पर एक वायरल कॉलर ट्यून के लिए ट्रोल किया था. अभिनेता ने इसका जवाब भी दिया था. अभिनेता ने अपने ट्वीट में लिखा था. जी हां हुजूर, मैं भी एक प्रशंसक हूं. तो’ इस ट्वीट पर यूजर ने रिएक्शन देते हुए लिखा, तो फोन पर बोलना बंद करिए. फिर अभिनेता ने जवाब देते हुए कहा, ‘सरकार को बोलो भाई, उन्होंने हमसे कहा सो किया.’ 

क्या ट्रोलर्स हैं वजह?

लेकिन इस कॉलर ट्यून का बंद होने से ट्रोलर्स का कोई संबंध नहीं है. इसे सरकार के फैसले के कारण बंद किया गया है. हालांकि साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता फैलाने में इस कॉलर ट्यून ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारत में 11,28,265 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 7,48,863.9 लाख रुपये की ठगी हुई. यह कॉलर ट्यून लाखों लोगों तक पहुंची और साइबर ठगी से बचने में मदद की.

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