कैजुअल मुलाकात से लेकर शादी तक...कैसे परवान चढ़ा अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी का प्यार? शादी के 34 साल बाद खोले कई राज

अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी ने यूट्यूब पर अपने रिश्ते की शुरुआत साझा की. कैजुअल तौर पर शुरू हुआ यह रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदला और 1992 में शादी तक पहुंचा, जो आज एक मजबूत और खुशहाल परिवार है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

मुंबईः बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह और अभिनेता परमीत सेठी आज इंडस्ट्री के सबसे मजबूत और स्थिर रिश्तों में गिने जाते हैं. तीन दशक से ज्यादा समय से साथ निभा रहे इस कपल की प्रेम कहानी जितनी खूबसूरत है, उतनी ही अनोखी भी. हाल ही में अर्चना के यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए एक वीडियो में दोनों ने अपने रिश्ते की शुरुआत को लेकर दिलचस्प खुलासे किए, जिसने फैंस को चौंका भी दिया और मुस्कुरा भी दिया.

एक दोस्त के घर से शुरू हुई कहानी

अर्चना और परमीत की पहली मुलाकात 80 के दशक के आखिर में एक दोस्त के घर हुई थी. उसी रात दोनों दोस्तों के ग्रुप के साथ क्लब भी गए. उस मुलाकात को उस वक्त किसी ने गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. अर्चना बताती हैं कि अगले दिन वह परमीत के फोन का इंतजार कर रही थीं और जैसे ही उनका फोन आया, बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया.

धीरे-धीरे दोनों की बातें बढ़ने लगीं और संपर्क नियमित हो गया. अर्चना ने स्वीकार किया कि शुरुआत में यह रिश्ता बिल्कुल भी गंभीर नहीं था. उनके शब्दों में, “यह बस एक कैजुअल रिश्ता था, जिससे किसी को कोई उम्मीद नहीं थी.”

जब ‘कैजुअल’ रिश्ता गहराने लगा

दोनों उस समय अपने-अपने पुराने रिश्तों से बाहर आ चुके थे और किसी नए कमिटमेंट के मूड में नहीं थे. अर्चना ने बताया कि वे अक्सर एक-दूसरे को यह याद दिलाते थे कि यह रिश्ता गंभीर नहीं है और ज्यादा आगे नहीं जाएगा. परमीत भी हंसते हुए कहते हैं कि वे लगभग हर दिन खुद को यही समझाते थे.

अर्चना का मानना है कि आमतौर पर लोग कहते हैं कि ऐसे रिश्ते ज्यादा दिन नहीं चलते, लेकिन उनका रिश्ता इस सोच को गलत साबित करता है. जो रिश्ता बस एक छोटी सी शुरुआत के साथ आगे बढ़ा था, वही धीरे-धीरे विश्वास, दोस्ती और प्यार में बदल गया.

वह मेरे स्तर से बहुत ऊपर थीं

परमीत सेठी ने इस बातचीत में अपने दिल की बात भी साझा की. उन्होंने बताया कि उस दौर में अर्चना फिल्म ‘जलवा’ (1987) के बाद काफी लोकप्रिय हो चुकी थीं. वहीं वह खुद एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे. परमीत को लगता था कि अर्चना जैसी सफल और चर्चित अभिनेत्री उनसे कभी रिश्ता नहीं जोड़ेगी. उन्होंने कहा कि तुम उस समय बहुत मशहूर थीं. मुझे सच में नहीं लगता था कि तुम मुझ जैसे इंसान को कभी हां कहोगी.

गुलाब, प्यार और थोड़ी सी मस्ती

अर्चना ने मुस्कुराते हुए उन दिनों को याद किया जब परमीत उनके लिए तीन लाल गुलाब लाते थे और हर गुलाब दिखाकर कहते थे, आई लव यू. अब हंसते हुए परमीत ने कबूल किया कि कई बार वे गुलाब खरीदने के लिए अर्चना से ही पैसे उधार लेते थे.

अर्चना ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब यह आदत नियमित हो गई, तो उन्होंने परमीत से गुलाब लाना बंद करने को कहा. इस पर परमीत ने मजाक में पूछा था कि क्या इसका मतलब यह है कि उनका प्यार भी खत्म हो जाएगा.

शादी और खुशहाल परिवार

आखिरकार यह ‘गैर-गंभीर’ रिश्ता 1992 में शादी में बदल गया. आज अर्चना और परमीत दो बेटों, आर्यमन सेठी और आयुष्मान सेठी के माता-पिता हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी बिना किसी योजना के शुरू हुआ रिश्ता भी उम्रभर का साथ बन सकता है, बस उसमें ईमानदारी, समझ और थोड़ी सी हंसी जरूरी होती है.

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