कर्नाटक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिग बॉस कन्नड़ स्टूडियो को तत्काल बंद करने का दिया आदेश
कर्नाटक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन पर बिदादी स्थित ‘बिग बॉस कन्नड़’ स्टूडियो को तुरंत बंद करने का आदेश दिया है. इस कार्रवाई से शो के चल रहे सीज़न और आगे की शूटिंग पर अनिश्चितता पैदा हो गई है.

कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) ने बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी क्षेत्र में स्थित उस स्टूडियो को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है, जहां लोकप्रिय रियलिटी शो ‘बिग बॉस कन्नड़’ की शूटिंग चल रही थी. 6 अक्टूबर को जारी आधिकारिक नोटिस में बोर्ड ने बताया कि वेल्स स्टूडियोज एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, जॉली वुड स्टूडियोज एंड एडवेंचर्स के नाम से संचालित है. उसने पर्यावरणीय नियमों और कानूनों का गंभीर उल्लंघन किया है.
केएसपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, स्टूडियो प्रबंधन ने बिना वैधानिक मंजूरी के जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत अनिवार्य “स्थापना की सहमति” (Consent for Establishment) और “संचालन की सहमति” (Consent for Operation) प्राप्त किए बिना बड़े पैमाने पर मनोरंजन और शूटिंग गतिविधियां चलाईं. बोर्ड ने इसको पर्यावरण कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए स्टूडियो को सभी गतिविधियां तत्काल बंद करने और निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी
यदि स्टूडियो प्रबंधन निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक जवाब नहीं देता या अनुपालन सुनिश्चित नहीं करता, तो बोर्ड ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. आदेश की प्रतियां रामनगर जिले के उपायुक्त, बेसकॉम के प्रबंध निदेशक और स्थानीय विद्युत इंजीनियरों को भी भेजी गई हैं ताकि स्टूडियो परिसर में बिजली आपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सेवाओं पर नियंत्रण रखा जा सके और बंदी आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके.
गौरतलब है कि ‘बिग बॉस कन्नड़’ कर्नाटक के सबसे लोकप्रिय रियलिटी शो में से एक है, जिसे अभिनेता किच्चा सुदीप होस्ट करते हैं. यह शो कई वर्षों से बिदादी स्थित इसी विशेष रूप से निर्मित स्टूडियो में शूट होता आ रहा है. फिलहाल इसका बारहवां सीज़न प्रसारित हो रहा है और बंदी आदेश के चलते आगे की शूटिंग पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं.
मनोरंजन उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि बंदी लंबे समय तक जारी रही तो यह न केवल शो के प्रसारण शेड्यूल को प्रभावित करेगी, बल्कि इससे जुड़े सैकड़ों तकनीशियनों, कलाकारों और कर्मचारियों की आजीविका पर भी असर पड़ेगा. वहीं, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राज्य में पर्यावरणीय अनुपालन को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकता है.
शून्य सहनशीलता नीति
केएसपीसीबी की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकार पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन को लेकर अब ‘शून्य सहनशीलता नीति’ पर काम कर रही है और किसी भी बड़े प्रोजेक्ट या मनोरंजन संस्थान को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा.


