ऑस्कर विनर एक्ट्रेस डायन कीटन का निधन, 79 वर्ष की उम्र में कैलिफोर्निया में ली अंतिम सांस
Hollywood Actress: ऑस्कर विनर हॉलीवुड एक्ट्रेस डाएन कीटन जिन्हें ‘एनी हॉल’ और ‘द गॉडफादर’ जैसी फिल्मों में उनके शानदार एक्टींग के लिए जाना जाता है. 79 वर्ष की आयु में कैलिफोर्निया में निधन हो गया.

Hollywood Actress Diane Keaton Death: हॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस और असाधारण शैली की प्रतीक, डायन कीटन का 79 वर्ष की उम्र में कैलिफोर्निया में निधन हो गया. अपनी सहजता, भावनात्मक गहराई और अनूठे फैशन सेंस के साथ कीटन ने न केवल सिनेमा में बल्कि पॉप संस्कृति में भी एक अमिट छाप छोड़ी हैं.
कीटन एक ऐसी कलाकार थीं जिन्होंने परंपराओं को चुनौती दी और अपने शर्तों पर ईमानदार, हास्यप्रद और खुलकर जीने वाली महिला के रूप में अपनी पहचान बनाई. 'द गॉडफादर' से लेकर 'ऐनी हॉल' तक, हास्य फिल्मों से लेकर संवेदनशील नाटकों तक, उन्होंने हर शैली में गहराई से अभिनय किया और दर्शकों के दिलों पर राज किया. उनका जाना सिर्फ एक अदाकारा की कमी नहीं है बल्कि यह उस कल्पना की भी विदाई है जो महिलाओं को फिल्मी दुनिया में अलग और सच्चा देखने की हिम्मत देती है.
डायन कीटन का हॉलीवुड सफर
डायन हॉल जिन्हें बाद में अपनी मां का उपनाम 'कीटन' अपनाने के बाद डायन कीटन के नाम से जाना गया. उनका जन्म 5 जनवरी 1946 को लॉस एंजेलिस में हुआ था. उन्होंने 1970 के दशक की शुरुआत में 'द गॉडफादर' (1972) और 'द गॉडफादर पार्ट II' (1974) में 'के एडम्स' की भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की. इन भूमिकाओं में उन्होंने पुरुष-प्रधान कथानकों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई. लेकिन 1977 में आई वुडी एलेन की अर्ध-आत्मकथात्मक फिल्म 'एनी हॉल' ने उन्हें एक सुपरस्टार बना दिया. उनका पहनावा टाई, ढीली पैंट, और हैट और उनका मार्मिक हास्यपूर्ण अभिनय एक नई तरह की रोमांटिक नायिका लेकर आया, जो सामाजिक रूप से अजीब लेकिन भावनात्मक रूप से प्रभावशाली थी. इस प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का ऑस्कर अवॉर्ड मिला.
एक्टिंग से डायरेक्शन तक का सफर
अपनी करियर में कीटन ने हास्य और गंभीर दोनों तरह की भूमिकाओं में संतुलन बनाए रखा. 'मैनहटन' (1979), 'लुकिंग फॉर मिस्टर गुडबार' (1977), 'रेड्स' (1981), 'क्राइम्स ऑफ द हार्ट' (1986) जैसी फिल्मों में उनके बहुआयामी अभिनय को खूब सराहा गया.
वह सिर्फ अभिनेत्री नहीं थीं उन्होंने 'हैंगिंग अप' (2000) जैसी फिल्म का निर्देशन भी किया. अपने करियर में उन्होंने ऐसे किरदारों को चुना जो वास्तविक जीवन के करीब थे. 'समथिंग्स गॉट टू गिव', 'बेबी बूम', 'द फर्स्ट वाइव्स क्लब', और 2024 में आई उनकी अंतिम फिल्मों में से एक 'समर कैंप' में उन्होंने अपने एक्टिंग की परिपक्वता दिखाई. उनके 50 वर्षों से अधिक के करियर ने उन्हें ऑस्कर, बाफ्टा, कई गोल्डन ग्लोब्स और हॉलीवुड में स्थायी प्रतिष्ठा दिलाई.
पॉप संस्कृति पर डायन कीटन की छाप
डायन कीटन की अनोखी शैली, बड़े चश्मे, पुरुषों की टाई, और हैट्स ने फैशन और सिनेमा दोनों को प्रभावित किया. 'एनी हॉल लुक' एक प्रतीक बन गया था, जो आत्म-विश्वासी असमानता को दर्शाता था. उन्होंने रोमांटिक कॉमेडी में भावनात्मक ईमानदारी की मिसाल पेश की. वे वो महिला बनीं जो नर्वस, भावुक, और अव्यवस्थित हो सकती थी और फिर भी प्यारी. एक ऐसे उद्योग में जहां महिलाओं से अक्सर परिपूर्णता की अपेक्षा की जाती है कीटन ने उन कमियों को अपनाया जिन्हें लोग छिपाते हैं. उन्होंने उम्र को भी चुनौती दी. 70 वर्ष की उम्र के बाद भी वे फिल्मों की मुख्य भूमिका में नजर आती रहीं और कभी पीछे नहीं हटीं.
निजी जीवन और परिवार
डायन कीटन ने कभी विवाह नहीं किया लेकिन उन्होंने दो बच्चों को गोद लिया: बेटी डेक्सटर (जन्म 1996) और बेटा ड्यूक (जन्म 2001). वे हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे ग्लैमर से दूर सामान्य जीवन जिएं. उनके परिवार ने उनकी सोच और जीवन को गहराई से प्रभावित किया. उनकी मां डोरोथी कीटन हॉल को अल्जाइमर था और डायन ने अपनी आत्मकथा Then Again को अपनी मां की डायरी और यादों के माध्यम से गढ़ा. वे वास्तुकला संरक्षण की प्रबल समर्थक थीं और लॉस एंजेलिस कंजरवेंसी की सदस्य थीं.
कीटन को फोटोग्राफी और रियल एस्टेट का भी खास शौक था. उन्होंने शुरुआती जीवन में बुलिमिया (खानपान विकार) से भी संघर्ष किया था जिसे लेकर वे बाद में खुलकर बोलीं और इस मानसिक स्वास्थ्य मुद्दे को जागरूकता देने का कार्य किया. उनकी सेहत को लेकर वे हमेशा निजी रहीं लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार उनका निधन अचानक हुआ और वे अपने करीबी लोगों से घिरी हुई थीं.
डायन कीटन का जाना केवल एक अदाकारा की विदाई नहीं है यह उस आवाज का अंत है जो कहती थी कि महिलाएं जटिल हो सकती हैं और फिर भी सुंदर. उनकी अनुपस्थिति अब निर्देशक की कल्पनाओं में, कलाकारों की तलाश में और हर उस दृश्य में महसूस की जाएगी जहां एक महिला की बुद्धिमत्ता उसके आकर्षण से आगे निकल जाती है.


